कुचामन सिटी की खुदरा सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर शुक्रवार को दूसरे दिन भी माहौल गरमाया रहा। सुबह नगर परिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया के निर्देश पर एसआई राजेंद्र के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए टीम ने अतिक्रमण हटाए और तय सीमा से बाहर रखा सामान जब्त किया। इस कार्रवाई से सब्जी और फल विक्रेताओं में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में वे नगर परिषद पहुंच गए।

विक्रेताओं ने अपनी रोजी-रोटी पर असर पड़ने की बात कहते हुए आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि वे अस्थाई रूप से ठेले और दुकान लगाकर फल और सब्जी बहकर परिवार चला रहे हैं, ऐसे में इसे पूरी तरह अतिक्रमण मानना उनके साथ अन्याय होगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जैन समाज द्वारा मंडी के तीनों प्रवेश द्वारों के पास जालियां लगाकर लंबे समय से कब्जा किया गया है, जिस पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। 60 फीट की नगर परिषद की बेशकीमती जमीन पर बरसों से कब्जा किया गया है ,उसे मुक्त करा लिया जाए तो सब्जी मंडी में कोई समस्या ही नहीं रहे । उन्होंने निष्पक्ष निर्णय की मांग उठाई और अग्रवाल समाज भवन के पास पार्किंग की समस्या भी सामने रखी।

इसके बाद दोपहर में जैन और अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि भी नगर परिषद पहुंचे और अपना पक्ष रखते हुए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सब्जी और फल विक्रेताओं के अतिक्रमण के कारण श्री दिगंबर जैन मंदिर नसियां ,विद्यासागर भवन और अग्रवाल भवन के सामने रास्ते संकरे हो गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीनों प्रवेश द्वारों के सामने स्थिति गंभीर बताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद में करीब दो घंटे तक बैठक चली ।
आयुक्त शिकेश कांकरिया ने कहा कि नगर में व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि “अतिक्रमण चाहे स्थाई हो या अस्थाई, नियमों के विरुद्ध होगा तो कार्रवाई तय है।
लेकिन किसी की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए संतुलित समाधान निकाला जाएगा।” उन्होंने दोनों पक्षों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तय नियमों का पालन ही आगे का रास्ता है।

बैठक के बाद दोनों पक्षों की सहमति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सियाराम लॉज से विद्यासागर भवन के दूसरे गेट तक केवल 31 अधिकृत ठेलों को ही अनुमति दी जाएगी और बाकी हटाए जाएंगे। जैन मंदिर नसियां के गेट नंबर 1 और 2 के सामने का मार्ग पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रहेगा, वहीं गेट नंबर 3 के सामने भी किसी प्रकार की सब्जी बिक्री नहीं होगी। विक्रेता केवल पटरी पर बैठकर व्यवसाय करेंगे और किसी तरह का स्थायी ढांचा या जाली नहीं लगाएंगे। गोल प्याऊ के आसपास का क्षेत्र भी पूरी तरह खाली रखा जाएगा और अग्रवाल भवन के प्रवेश मार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
हालांकि जो निर्णय लिए गए उससे अग्रवाल समाज और जैन समाज तो खुश नजर आएं ,लेकिन फल/ सब्जी विक्रेताओं का कहना था कि जब प्रशासन ने बैठक की ,तो उन्हें भी सूचना देनी थी, ताकि उनके प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होकर न्यायसम्मत फैसलों पर अपनी राय देते । फल विक्रेताओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन जो भी फैसला करें वो सबके हित में हो और बगैर दबाव के हो ,तभी निष्पक्ष कहलाएगा
