डीडवाना पुलिस का ऑपरेशन ‘ज्वेलरी लुटेरे’ सफल: 5 दिन में दो सनसनीखेज लूट की वारदातों का पर्दाफाश, 2 शातिर गिरफ्तार, 1 नाबालिग निरुद्ध
300 से ज्यादा CCTV फुटेज, एक लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण और 5 विशेष टीमों की मेहनत लाई रंग, हिस्ट्रीशीटर निकला मास्टरमाइंड

डीडवाना – कुचामन । डीडवाना-कुचामन जिले की डीडवाना पुलिस ने लगातार पांच दिनों तक चले हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के बाद जिले में दहशत फैलाने वाले कंठी लूट गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने 2 जुलाई और 7 जुलाई को हुई दो अलग-अलग मादलिया और कंठी लूट की वारदातों के अलावा दो मोटरसाइकिल चोरी और एक बड़ी नकबजनी की घटना को भी स्वीकार किया है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने किया, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा के सुपरविजन में गठित विशेष टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया। एसपी डॉ. शिवरान ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा किया। इस दौरान एएसपी विमल सिंह नेहरा भी मौजूद रहे।

पहली वारदात में मंदिर जा रही वृद्ध महिला को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, 2 जुलाई की सुबह करीब छह बजे डीडवाना शहर में एक वृद्ध महिला सती माता मंदिर दर्शन के लिए जा रही थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाशों ने उनके गले से सोने का मादलिया झपट लिया। विरोध करने पर महिला को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया, जिससे उनकी जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। पांच मादलियों में से दो मौके पर गिर गए, जबकि तीन मादलिया आरोपी लेकर फरार हो गए।
पांच दिन बाद फिर दोहराई वारदात
पहली घटना का खुलासा होने से पहले ही 7 जुलाई को सिंगरावट-बालिया रोड पर आरोपियों ने एक अन्य महिला को निशाना बनाया। बदमाशों ने महिला को धक्का देकर गिराया और चाकू से गले की सोने की कंठी काटकर फरार हो गए। जांच में सामने आया कि दोनों वारदातों को एक ही गिरोह ने अंजाम दिया था।
CCTV और साइबर जांच बनी सफलता की कुंजी
घटना के बाद पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया। टीमों ने डीडवाना से लेकर विभिन्न मार्गों, टोल प्लाजा, होटल, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे 300 से 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। वहीं साइबर सेल ने एक लाख से अधिक मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लगातार मोबाइल बंद कर रहे थे, ठिकाने बदल रहे थे और राहगीरों के मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बावजूद सीसीटीवी फुटेज, बीटीएस डेटा, सीडीआर, मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस के समन्वय से पुलिस उनकी गतिविधियों तक पहुंचने में सफल रही।

डीडवाना से झुंझुनूं तक चला पीछा, पांचौड़ी से दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीमों ने डीडवाना, नागौर, सुरपालिया, गोगेलाव, रताऊ, सांडवा, लाडनूं, सुजानगढ़, सालासर, लक्ष्मणगढ़, मुकुंदगढ़, झुंझुनूं, मंडावा, फतेहपुर, केराप और पांचौड़ी सहित कई इलाकों में लगातार दबिश दी। आखिरकार आरोपियों की लोकेशन पांचौड़ी क्षेत्र में मिली, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
हिस्ट्रीशीटर निकला गिरोह का मुख्य आरोपी
गिरफ्तार मुख्य आरोपी दिनेश स्वामी पूर्व सजायाफ्ता अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य वारदातों की भी जांच कर रही है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले मोटरसाइकिल चोरी करता था और उसी वाहन से सुनसान क्षेत्रों में रेकी करता था। अकेली और बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर झपट्टा मारकर या धक्का देकर गले से सोने की कंठी और मादलिया लूट लेता था। जरूरत पड़ने पर आरोपी चाकू से कंठी काटकर मौके से फरार हो जाते थे।

ये रहे गिरफ्तार आरोपी
विशाल उर्फ देवेश, निवासी फतेहपुरी गेट, डीडवाना।
दिनेश स्वामी, निवासी आदर्श नगर, डीडवाना।
एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया।
इन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा, वृताधिकारी गरिमा चौधरी, थानाधिकारी ऋतु कुमारी, उप निरीक्षक रामेश्वरलाल, उप निरीक्षक होशियार सिंह, थानाधिकारी राजमल कुमावत, सहायक उप निरीक्षक छोटूराम, डीएसटी प्रभारी जीवराज सिंह तथा साइबर सेल प्रभारी प्रेमप्रकाश स्वामी ने अपनी-अपनी टीमों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस, डीएसटी, साइबर सेल और अन्य टीमों के 50 से अधिक अधिकारियों एवं जवानों ने लगातार 24×7 अभियान चलाकर इस चर्चित लूटकांड का सफल खुलासा किया।
एसपी डॉ प्यारे लाल शिवरान बोले— अपराधियों पर रहेगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कहा कि जिले में हर तरह के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के बेहतर समन्वय से इस गिरोह तक पहुंच बनाई गई है। आरोपियों से अन्य वारदातों और लूटे गए आभूषणों के संबंध में भी गहन पूछताछ जारी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कुचामन सिटी) विमल सिंह नेहरा ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद अलग-अलग विशेष टीमों का गठन कर तकनीकी और फील्ड स्तर पर समानांतर कार्रवाई शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज, साइबर विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
