नावां। उप जिला अस्पताल के जर्जर भवन को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार को अस्पताल के समस्त चिकित्सकों और कार्मिकों ने सीएमएचओ के नाम उपखंड अधिकारी हुकमीचंद रोहलानिया को ज्ञापन सौंपकर मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि भवन का अधिकांश हिस्सा असुरक्षित घोषित हो चुका है और वर्तमान में मजबूरी में केवल सुरक्षित बचे हिस्से में अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने वर्ष 2025 में अस्पताल भवन के लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्से को असुरक्षित एवं मरम्मत योग्य नहीं (Condemn and Non-Repairable) घोषित कर दिया था। इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय ने भी जर्जर भवनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं।

चिकित्सकों ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर निजी और सरकारी भवनों का निरीक्षण कर वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए गए, लेकिन अब तक उपयुक्त भवन उपलब्ध नहीं हो सका। इस बीच बारिश के मौसम में भवन की छत से पानी टपक रहा है और कई जगहों से प्लास्टर व छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों और कर्मचारियों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अन्य कोई विकल्प नहीं होने के कारण फिलहाल अस्पताल का संचालन केवल शेष 20 से 30 प्रतिशत सुरक्षित हिस्से में करना पड़ रहा है। अगले सात दिनों में उपलब्ध संसाधनों के साथ इसी हिस्से में सेवाओं को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि जगह की कमी के कारण सोनोग्राफी, एक्स-रे और डेंटल जैसी कुछ सेवाओं में अस्थायी कटौती करनी पड़ सकती है। इसके लिए अस्पताल परिवार ने आमजन से खेद भी व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि हाल ही में अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी, बढ़ती ओपीडी और जर्जर भवन को लेकर खबर सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया था और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे।
उपखंड अधिकारी हुकमीचंद रोहलानिया ने बताया कि चिकित्सकों का भवन की जर्जर स्थिति संबंधी ज्ञापन प्राप्त हुआ है। प्रशासन जल्द ही वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करेगा ताकि नए उप जिला अस्पताल भवन के तैयार होने तक अस्पताल को किसी अन्य सुरक्षित भवन में संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

वहीं सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि किराए के उपयुक्त भवन का चयन कर वहां अस्पताल संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाए। किराया संबंधी आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया अस्पताल भवन तैयार होने तक उप जिला अस्पताल को शीघ्र ही किसी अन्य किराए के भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए अस्थायी भवन में भी उप जिला अस्पताल की सभी प्रमुख चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी और मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
