20वें सांख्यिकी दिवस पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, सटीक डेटा को बताया सुशासन की मजबूत नींव
गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन और विश्लेषण पर दिया गया जोर, उत्कृष्ट अधिकारियों व कार्मिकों का हुआ सम्मान
डीडवाना-कुचामन, सांख्यिकी विभाग द्वारा 20वें सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला स्तरीय समारोह एवं एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला कलक्टर अवधेश मीणा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के महान सांख्यिकीविद् प्रो. पी.सी. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर जिला कलक्टर अवधेश मीणा ने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सांख्यिकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

जिला कलक्टर अवधेश मीणा ने इस मौके पर कहा कि केवल डेटा का संकलन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका गुणवत्तापूर्ण संकलन, वैज्ञानिक विश्लेषण और प्रभावी उपयोग ही बेहतर नीतियों के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सटीक एवं विश्वसनीय डेटा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने प्रशासनिक डेटा की क्षमता पर बल देते हुए कहा कि सटीक डेटा ही सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रभावी नीतियों का मजबूत आधार है। विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर ही बेहतर नीति निर्माण संभव है, जिससे विकास को नई दिशा मिलती है और आमजन तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

कार्यशाला में प्रशासनिक डेटा की उपयोगिता पर हुई चर्चा
कार्यशाला में इस वर्ष की सांख्यिकी दिवस थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” पर विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने प्रशासनिक डेटा की गुणवत्ता, उपयोगिता तथा विभिन्न क्षेत्रों में उसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही जिले के विकास संकेतकों और आधुनिक सांख्यिकीय डेटा संग्रहण तकनीकों पर भी चर्चा की गई।
इस दौरान प्रो. पी.सी. महालनोबिस के भारतीय आर्थिक नियोजन तथा भारतीय सांख्यिकीय संस्थान की स्थापना में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया गया।

जिला सांख्यिकी कार्यालय के उपनिदेशक बाबूलाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण डेटा किसी भी विकास योजना की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने सभी सांख्यिकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से डेटा संकलन एवं विश्लेषण के कार्य को पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर विकास मोहन भाटी, कोषाधिकारी भंवरलाल, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।
