डीडवाना-कुचामन। जिले में बालश्रम, बंधुआ मजदूरी एवं मानव दुर्व्यापार (बाल तस्करी) के उन्मूलन के लिए 1 जून से शुरू होने वाले विशेष अभियान “उमंग-VII” की तैयारियों को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव ने की, जिसमें बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में अभियान को प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बालश्रम, बंधुआ मजदूरी एवं बाल तस्करी की रोकथाम के लिए थानावार टीमों का गठन किया गया तथा गठित टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई करने की रणनीति तैयार की गई।
पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 जून से 30 जून 2026 तक जिलेभर में विशेष अभियान “उमंग-VII” संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत बालश्रम, बंधुआ मजदूरी और मानव दुर्व्यापार के मामलों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान पुलिस, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” (NMBA) के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जयपाल सिंह (समाज कल्याण अधिकारी, डीडवाना), संदीप कुमार (सहायक श्रम आयुक्त, डीडवाना), इकबाल खां (सहायक उप निरीक्षक, एएचटीयू), चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक, राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स, थाना स्तरीय बाल कल्याण अधिकारी तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
