डीडवाना थाना क्षेत्र के बालिया में महिला के गले से मंगलसूत्र और कंठी लूट की सनसनीखेज वारदात का डीडवाना पुलिस ने महज चार दिन में खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने पांच शातिर आरोपियों को दस्तयाब किया है। आरोपियों ने पूछताछ में मंगलसूत्र लूट के अलावा मोबाइल चोरी, बसों से डीजल चोरी, ट्रैक्टर बैटरी चोरी सहित कई अन्य वारदातों में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब लूटे गए आभूषण, वारदात में प्रयुक्त वाहन तथा अन्य अपराधों के संबंध में विस्तृत अनुसंधान कर रही है।

5 विशेष टीमें, 45 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 24 घंटे चला ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान (IPS) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और विमल सिंह नेहरा के मार्गदर्शन एवं वृत्ताधिकारी जेठू सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थानाधिकारी ऋतु कुमारी (RPS प्रो.) के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। करीब 45 से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों को शामिल करते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने लगातार 24×7 अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
महिला से झपटा था मंगलसूत्र और कंठी
19 जुलाई 2026 को सुबह करीब 5:35 बजे ग्राम बालिया में एक महिला अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान सफेद कार में आए बदमाश महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र और कंठी झपटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस थाना डीडवाना में मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई।

300-400 CCTV और एक लाख मोबाइल नंबरों की जांच बनी सफलता की कुंजी
वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। घटनास्थल से लेकर संभावित भागने के मार्ग, टोल प्लाजा, होटल, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे लगभग 300 से 400 CCTV कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
साथ ही साइबर सेल ने एक लाख से अधिक मोबाइल नंबरों की तकनीकी स्क्रीनिंग, BTS डेटा, CDR और लोकेशन विश्लेषण किया। आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर रखे थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे। जरूरत पड़ने पर राहगीरों के मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे, लेकिन तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस के दम पर पुलिस आखिरकार उन तक पहुंच गई।
कई जिलों में दबिश, रायपुर जागीर से दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीमों ने डीडवाना, दौलतपुरा, सुवरासन, लोसल, खूड, घाटवा, दांतारामगढ़, खाटूश्यामजी, खंडेला, विराटनगर, पावटा और अजीतगढ़ सहित कई क्षेत्रों में लगातार दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनका पीछा किया गया और अंततः सीकर जिले के रायपुर जागीर क्षेत्र से पांचों आरोपियों को दस्तयाब कर लिया गया।

आधा किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस ने दबोचे बदमाश
आरोपियों को पकड़ने के दौरान हेड कांस्टेबल प्रहलाद सिंह और कांस्टेबल रिछपाल ने साहस का परिचय दिया। दोनों ने मोटरसाइकिल पर भाग रहे आरोपियों का करीब आधा किलोमीटर तक पीछा किया। जान जोखिम में डालते हुए लगातार पीछा जारी रखा और आखिरकार बदमाशों को काबू कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिसकर्मियों की सतर्कता और बहादुरी अहम साबित हुई।
पूछताछ में कई चोरी की वारदातें कबूलीं
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने उसी रात डीडवाना क्षेत्र में बसों से डीजल चोरी, मोबाइल चोरी और ट्रैक्टर की बैटरी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। इसके अलावा अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिनकी जांच जारी है।

रेकी कर चुनते थे अकेली महिलाओं को निशाना
जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात से पहले क्षेत्र की रेकी करते थे। सुनसान स्थानों और कम आवाजाही वाले इलाकों का चयन कर अकेली महिलाओं तथा भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते थे। वारदात के बाद मोबाइल बंद कर लगातार ठिकाने बदल लेते थे, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रैक नहीं कर सके।
दस्तयाब आरोपी
पुलिस ने इस मामले में मुकेश उर्फ लक्की उर्फ रामनिवास उर्फ अर्जुन उर्फ राजू, आदेश उर्फ रॉकी उर्फ राकेश, राजेश उर्फ गुल्या, रामावतार उर्फ धर्मपाल तथा विश्राम उर्फ पाला को दस्तयाब किया है। मुख्य आरोपी मुकेश के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगी सख्त और प्रभावी कार्रवाई – एसपी डॉ. प्यारे लाल शिवरान
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान ने कहा कि जिला पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम और उनके त्वरित खुलासे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, फील्ड इंटेलिजेंस और प्रभावी पुलिसिंग के समन्वय से इस गंभीर वारदात का मात्र चार दिन में खुलासा किया गया। उन्होंने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी ।
एएसपी विमल सिंह नेहरा और हिमांशु शर्मा ने क्या कहा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा और हिमांशु शर्मा ने कहा कि इस कार्रवाई में तकनीकी जांच, साइबर सेल, फील्ड इंटेलिजेंस और पुलिस टीमों के बेहतर समन्वय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जांच में जुटी रही यह पुलिस टीम
थानाधिकारी ऋतु कुमारी के नेतृत्व में उप निरीक्षक रामेश्वरलाल, उप निरीक्षक होशियार सिंह, उप निरीक्षक बलदेव राम, उप निरीक्षक श्रवण राम, सहायक उप निरीक्षक छोटूराम, सहायक उप निरीक्षक सुरेशचंद मीणा, सहायक उप निरीक्षक प्रेमप्रकाश (साइबर सेल), सहायक उप निरीक्षक मोहम्मद सईद सहित पुलिस थाना डीडवाना, साइबर सेल, डीएसटी एवं अन्य पुलिस इकाइयों के अधिकारियों और जवानों ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से हेड कांस्टेबल प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल सुरेश और कांस्टेबल रिछपाल का योगदान उल्लेखनीय रहा।
