कुचामन सिटी। आज के दौर में जहां अक्सर खोई हुई कीमती वस्तु वापस मिलने की उम्मीद कम ही होती है, वहीं कुचामन सिटी के बालाजी बाजार स्थित सोनी कॉम्प्लेक्स में रोहिन किड्स वीयर के प्रोपराइटर एवं छीपा मोहल्ला, इमाम चौक निवासी सुलेमान मोलानी ने अपनी ईमानदारी और नेकनीयती से समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने करीब ढाई साल तक सुरक्षित संभालकर रखी एक सोने की चेन उसके वास्तविक मालिक को सौंपकर यह साबित कर दिया कि इंसान की सबसे बड़ी पूंजी उसका चरित्र और ईमानदारी होती है।

जानकारी के अनुसार करीब ढाई वर्ष पूर्व कुचामन सिटी के राजकीय सागर मल बानूड़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्यापिका श्रीमती अंजू शर्मा की सोने की चेन कुचामन सिटी के बाजार में कहीं गिर गई थी। यह चेन सुलेमान मोलानी को मिली। उन्होंने चेन को अपने पास सुरक्षित रखा और उसके वास्तविक मालिक की तलाश लगातार करते रहे। सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से उन्होंने कई बार सूचना साझा की, ताकि चेन सही व्यक्ति तक पहुंच सके।

इसी क्रम में 27 जुलाई 2026 को अंजू शर्मा अपनी खोई हुई चेन की जानकारी जुटाते हुए सुलेमान मोलानी की दुकान पर पहुंचीं। आवश्यक पहचान और पूरी पुष्टि के बाद सुलेमान मोलानी ने वहां मौजूद गणमान्य लोगों की उपस्थिति में सोने की चेन उन्हें सम्मानपूर्वक लौटा दी। चेन वापस मिलने पर अंजू शर्मा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अमानत लौटाने से जो सुकून मिला, वह किसी और चीज़ में नहीं — सुलेमान मोलानी
इस अवसर पर सुलेमान मोलानी ने कहा कि “यह चेन मेरी नहीं थी, बल्कि किसी की अमानत थी। अमानत में खयानत करना इंसानियत और अपने संस्कारों के खिलाफ है। इतने वर्षों तक इसे सुरक्षित रखना मेरा फर्ज था। जब यह अपने असली मालिक तक पहुंची तो जो आत्मिक सुकून और खुशी मिली, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। अल्लाह का शुक्र है कि मुझे किसी की खुशी का जरिया बनने का मौका मिला।”

उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी — अंजू शर्मा
चेन वापस मिलने के बाद अध्यापिका अंजू शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि “करीब ढाई साल पहले चेन खोने के बाद मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह कभी वापस मिलेगी। लेकिन सुलेमान मोलानी की ईमानदारी ने मेरा विश्वास फिर से मजबूत किया है। ऐसे लोग समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। मैं उनका हृदय से धन्यवाद करती हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।”
युवाओं को ऐसी मिसालों से प्रेरणा लेनी चाहिए— हनीफ भाटी
कुचामन के समाजसेवी एवं छीपा मोहल्ला निवासी व्यवसायी हनीफ भाटी ने इस अवसर पर कहा कि “आज के समय में जब भौतिकवाद तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में सुलेमान मोलानी जैसे लोग समाज को सही दिशा दिखाते हैं। युवाओं को समझना चाहिए कि ईमानदारी, भरोसा और अच्छे संस्कार ही इंसान की सबसे बड़ी पहचान हैं। यदि समाज का हर व्यक्ति किसी की अमानत को पूरी निष्ठा से उसके मालिक तक पहुंचाने का संकल्प ले, तो विश्वास और भाईचारे की भावना और मजबूत होगी।”

समाज के लिए प्रेरणा बनी ईमानदारी
सुलेमान मोलानी का यह कार्य केवल एक सोने की चेन लौटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में विश्वास, इंसानियत और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला संदेश भी है। ऐसे उदाहरण बताते हैं कि ईमानदारी आज भी जिंदा है और अच्छे संस्कार किसी भी इंसान की सबसे बड़ी पहचान होते हैं।
