नगर परिषद चुनाव से पहले सीमांकन पर छिड़ी सियासत, कुचामन कांग्रेस ने पुराने वार्डों से चुनाव कराने की उठाई मांग



कुचामन सिटी। राजस्थान उच्च न्यायालय की दखल के बाद प्रदेश में निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की संभावनाओं के बीच कुचामन नगर परिषद के वार्डों के सीमांकन को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कुचामन कांग्रेस ने नगर परिषद चुनाव वर्ष 2020 के वार्डों के आधार पर कराने की मांग उठाते हुए वर्तमान सीमांकन को नियमों के विरुद्ध और असंवैधानिक बताया है।


कुचामन नगर परिषद के निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला, प्रदेश कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के महासचिव मुकेश कुमावत तथा नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अप्रैल 2025 में नगर परिषद के वार्डों का पुनर्गठन एवं सीमांकन विभागीय नियमों की अवहेलना करते हुए किया गया। उनका आरोप है कि सीमांकन पर प्राप्त आपत्तियों का वैधानिक निस्तारण किए बिना ही सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के दबाव में अंतिम प्रकाशन कर दिया गया, जो पूरी तरह नियमों के विपरीत है।


हेमराज चावला बोले— जनगणना के आधार पर ही होना चाहिए सीमांकन


निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला ने कहा कि नगर निकायों में वार्डों का सीमांकन जनसंख्या गणना के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के बाद कुचामन नगर परिषद में 2010-11 से लेकर वर्ष 2020 तक तीन बार चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इस दौरान नगर परिषद के क्षेत्रफल या वार्डों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में नए सिरे से सीमांकन किए जाने का कोई औचित्य नहीं बनता। उनका कहना है कि पूर्व निर्धारित वार्डों के आधार पर ही चुनाव कराना न्यायसंगत होगा।


मुकेश कुमावत ने लगाया राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप


प्रदेश कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के महासचिव मुकेश कुमावत ने आरोप लगाया कि सीमांकन प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ है। उन्होंने कहा कि वार्डों का गठन इस प्रकार किया गया कि विभिन्न समाजों एवं वर्गों के मतदाताओं का संतुलन प्रभावित हो। आरोप है कि अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और कुमावत समाज सहित विभिन्न वर्गों के जनसंख्या ब्लॉकों को मनमाने तरीके से जोड़कर अथवा अलग-अलग कर वार्ड बनाए गए, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत बताया।


सुतेन्द्र सारस्वत बोले— 45 वार्डों की संख्या में कोई बदलाव नहीं


नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत ने कहा कि वर्ष 2020 में कुचामन नगर परिषद के कुल 45 वार्डों में चुनाव कराए गए थे। वर्तमान में न तो नगर परिषद का सीमा क्षेत्र बढ़ा है और न ही वार्डों की संख्या में कोई परिवर्तन हुआ है। ऐसे में नए सीमांकन की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुराने वार्डों के आधार पर ही चुनाव कराना संविधान और नियमों की भावना के अनुरूप होगा।


पुराने वार्डों के आधार पर चुनाव कराने की मांग


कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय, महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगरीय विकास) एवं संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन भेजा गया है। उन्होंने मांग की है कि विवादित सीमांकन को निरस्त कर वर्ष 2020 के पुराने वार्डों के आधार पर ही कुचामन नगर परिषद के चुनाव कराए जाएं, ताकि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सकें।

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