कुचामन जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 7 मरीजों की आंखों में संक्रमण की आशंका, जांच तेज; OT सीज, जयपुर से विशेषज्ञ टीम पहुंची
5 मरीज पहले SMS जयपुर रेफर, गुरुवार को 2 अन्य मरीज भी अजमेर रेफर
जिला कलेक्टर ने संभाला मोर्चा, मेडिकल बोर्ड गठित, कई स्तरों पर जांच शुरू
कुचामन सिटी। डीडवाना-कुचामन जिले के राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल संक्रमण (इन्फेक्शन) की आशंका का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जहां 5 मरीजो गोकुल कंवर , हीरा राम ,मीरा घासी राम और नारायणी देवी को बेहतर उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है वही अन्य दो मरीजों खेमाराम और कानूडी को अजमेर रेफर किया गया । नियमानुसार अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर (OT) को सीज कर दिया गया है तथा पूरे घटनाक्रम की बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

ऑपरेशन के अगले दिन सामने आई परेशानी
जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजकीय जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में सात मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के अगले दिन नियमित जांच के दौरान मरीजों की आंखों में असामान्य लक्षण दिखाई दिए। विस्तृत परीक्षण में ऑपरेशन वाली आंखों में संक्रमण की आशंका सामने आई। प्रारंभ में पांच मरीजों को तत्काल SMS अस्पताल जयपुर भेजा गया, जबकि शेष दो मरीजों को भी बाद में एहतियातन अजमेर रेफर कर दिया गया।

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम पहुंचे अस्पताल, OT कराया सीज
मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कुचामन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी को जिला अस्पताल भेजा। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी तथा डॉ. विनोद से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद नियमानुसार नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज करवाया गया। चिकित्सा विभाग की जांच टीम के आने तक OT को सील रखते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

जांच के बीच जिला कलेक्टर और एडीएम भी पहुंचे
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर अवधेश मीणा स्वयं कुचामन पहुंचे। उन्होंने उपखंड कार्यालय में CMHO डॉ. नरेंद्र चौधरी, PMO डॉ. बलबीर ढाका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद तथा डॉ. राजकुमारी , पूर्व PMO डॉ प्रहलाद बाजिया से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। वहीं अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार ने राजकीय जिला अस्पताल के नेत्र विभाग का निरीक्षण कर चिकित्सकों से घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की।
SMS अस्पताल में मेडिकल बोर्ड का गठन
जयपुर के SMS अस्पताल में मरीजों के पहुंचने के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आर.के. जैन ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में गठित बोर्ड में मेडिकल विभागाध्यक्ष डॉ. एम.के. अग्रवाल, वरिष्ठ आचार्य डॉ. पंकज शर्मा तथा डॉ. मनीष शर्मा को शामिल किया गया है। वहीं SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने भी अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की फैक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों की आंखों की स्थिति पर विशेषज्ञ लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

जयपुर से पहुंची विशेषज्ञ जांच टीम, OT से लिए सैंपल
मामले की जांच के लिए चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सम्पत सिंह जोधा कुचामन पहुंचे। उन्होंने जयपुर SMS अस्पताल से आई विशेषज्ञ टीम के साथ जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के ऑपरेशन थिएटर का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम में नेत्र रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ तथा सहायक माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ शामिल रहे। टीम ने ऑपरेशन थिएटर से विभिन्न सैंपल एकत्रित किए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार को सौंपी जाएगी।
ब्लाइंडनेस कंट्रोल की जॉइंट डायरेक्टर ने भी किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लाइंडनेस कंट्रोल की जॉइंट डायरेक्टर डॉ. सुहानी शर्मा भी जयपुर में भर्ती मरीजों से मुलाकात करने के बाद कुचामन पहुंचीं। उनके साथ संयुक्त निदेशक डॉ. संपत सिंह जोधा तथा डीडवाना – कुचामन CMHO डॉ. नरेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया तथा ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों और जांच टीम से पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लिया।
चिकित्सकों ने कहा— पूरी सावधानी से हुए थे ऑपरेशन
राजकीय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका ने बताया कि जैसे ही संक्रमण की जानकारी मिली, सभी आवश्यक कदम उठाते हुए मरीजों को तत्काल जयपुर रेफर कर दिया गया। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद ने बताया कि सभी ऑपरेशन निर्धारित प्रोटोकॉल और पूरी सावधानी के साथ किए गए थे। फिलहाल संक्रमण का कारण स्पष्ट नहीं है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

एसडीएम बोले— पहली बार सामने आया ऐसा मामला
उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि 28 जुलाई को हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों में आंखों की परेशानी सामने आने पर उन्हें तत्काल जयपुर रेफर किया गया। अब सभी सात मरीजों में से 5 को SMS अस्पताल और 2 को अजमेर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है तथा चिकित्सा विभाग की विशेषज्ञ टीम जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि कुचामन जिला अस्पताल में इस वर्ष अब तक 700 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है।
मरीज ने बताया दर्द
रेफर किए गए मरीज खेमाराम ने बताया कि ऑपरेशन से पहले उन्हें दिखाई दे रहा था, लेकिन ऑपरेशन के बाद अब आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बेहतर उपचार के लिए अजमेर भेजा जा रहा है।
इन अधिकारियों के बयान भी आए सामने
जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सम्पत सिंह जोधा ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर सहित सभी संबंधित पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है। लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
ब्लाइंडनेस कंट्रोल की जॉइंट डायरेक्टर डॉ. सुहानी शर्मा ने कहा कि मरीजों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सभी मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हैं और विभागीय स्तर पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
