बेटे को खोने के दर्द में टूटे परिवार का बना सहारा लॉयन्स क्लब कुचामन फोर्ट, मानवता की मिसाल पेश कर बढ़ाए मदद के हाथ

बेटे को खोने के दर्द में टूटे परिवार का बना सहारा लॉयन्स क्लब कुचामन फोर्ट, मानवता की मिसाल पेश कर बढ़ाए मदद के हाथ

मूक-बधिर बेटियों और बेसहारा मां के लिए आगे आया क्लब, छह माह तक खाद्य सामग्री देने का लिया संकल्प

कुचामन सिटी की सामाजिक संस्था लॉयन्स क्लब कुचामन फोर्ट ने एक बार फिर मानवता और सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश करते हुए गांव सुथली निवासी बाली देवी बावरी के परिवार की मदद के लिए संवेदनशील पहल की है। क्लब ने न केवल तत्काल राहत पहुंचाई, बल्कि आगामी छह महीनों तक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने का संकल्प लेकर जरूरतमंद परिवार को संबल देने का भरोसा भी दिलाया।

जानकारी के अनुसार गांव सूरतपुरा निवासी नारायण सिंह ने क्लब के संस्थापक अध्यक्ष लॉयन राम काबरा को बाली देवी की पीड़ा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाली देवी की दो बेटियां मूक-बधिर हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाला उनका इकलौता पुत्र करीब 20 दिन पहले दुनिया छोड़ गया। बेटे की मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भी सहायता के प्रयास किए गए, लेकिन कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी।

दर्द समझा, घर पहुंचे और बांटा सहारा

सूचना मिलते ही क्लब अध्यक्ष लॉयन रेखा काबरा, संस्थापक अध्यक्ष लॉयन राम काबरा और लॉयन विष्णु मोयल बाली देवी के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और एक माह की खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। साथ ही भविष्य में हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।

लॉयन रेखा काबरा ने कहा कि कठिन समय में इंसान का साथ ही सबसे बड़ी ताकत होता है और यही सच्ची मानवता है। इसी भावना के साथ क्लब द्वारा स्वर्गीय श्रीमती जमना देवी काबरा की स्मृति में काबरा परिवार के सौजन्य से आगामी छह महीनों तक खाद्य सामग्री का सहयोग किया जाएगा।

“किसी के जीवन में उम्मीद जगाना सबसे बड़ा मानव धर्म” — राम काबरा

संस्थापक अध्यक्ष लॉयन राम काबरा ने कहा कि समाज में ऐसे कई परिवार हैं जो अचानक आई विपत्ति के बाद असहाय हो जाते हैं। ऐसे समय में यदि समाज का सक्षम वर्ग आगे आए तो किसी की जिंदगी फिर से संभल सकती है। उन्होंने कहा कि “एक छोटा सा सहयोग भी यदि किसी के जीवन में उम्मीद और खुशियां वापस ला दे, तो इससे बड़ा कोई मानव धर्म नहीं हो सकता।”

उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी अपील की कि वे इस तरह की मुहिमों में आगे आकर जरूरतमंद परिवारों की मदद करें, ताकि कोई भी परिवार खुद को अकेला महसूस न करे।

मदद पाकर छलक पड़े आंसू, जताया आभार

मदद मिलने के बाद बाली देवी और नारायण सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने लॉयन्स क्लब कुचामन फोर्ट और काबरा परिवार का आभार जताते हुए कहा कि इस सहयोग ने कठिन समय में उन्हें नई उम्मीद दी है। यह सहायता केवल राशन नहीं, बल्कि टूटे हुए परिवार के लिए हौसले और इंसानियत का सहारा बनकर आई है।

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