कुचामन जिला अस्पताल को करोड़ों की सौगात: ट्रॉमा सेंटर सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण, राज्य मंत्री ने चिकित्सकों को दी नसीहत— मरीजों का इलाज सरकारी अस्पताल में ही करें
विजय सिंह चौधरी बोले— अब गंभीर मरीजों को नहीं करना पड़ेगा रेफर, आधुनिक ट्रॉमा सेंटर से समय पर मिलेगा जीवनरक्षक उपचार।

कुचामन सिटी , शहर के राजकीय जिला अस्पताल में शनिवार को चिकित्सा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। प्रदेश सरकार के राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने करोड़ों रुपये की लागत से विकसित आधुनिक ट्रॉमा सेंटर सहित कई नई स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ ही जनसुनवाई के दौरान चिकित्सकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा मरीजों को निजी क्लीनिकों में भेजने की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए।
ट्रॉमा सेंटर सहित कई आधुनिक सुविधाओं का हुआ लोकार्पण
राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने सबसे पहले करीब दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ट्रॉमा सेंटर का शुभारंभ किया। इसके बाद ट्रॉमा ऑपरेशन थिएटर (OT), डिजिटल एक्स-रे यूनिट, अत्याधुनिक डेंटल विभाग (डेंटल चेयर), कैंसर डे-केयर सेंटर, 145 से अधिक जांचों की सुविधा वाली अपग्रेडेड हब एंड स्पोक मॉडल लैब, नया दवा वितरण केंद्र तथा ट्रॉमा सेंटर से आई वार्ड, ब्लड बैंक और मोर्चरी तक निर्मित ब्लॉक रोड का भी लोकार्पण किया।

इस अवसर पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका, कुचामन विकास समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश काबरा, निवर्तमान सभापति सुरेश सिखवाल, बीसीएमओ डॉ धर्मेंद्र , पूर्व पीएमओ डॉ शकील अहमद , पूर्व पीएमओ डॉ प्रहलाद बाजिया, सेवानिवृत्त ENT विशेषज्ञ डॉ वीके गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
तीन हाईवे का प्रमुख केंद्र है कुचामन, अब यहीं मिलेगा बेहतर आपातकालीन इलाज
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने कहा कि कुचामन सिटी से तीन प्रमुख हाईवे गुजरते हैं। ऐसे में आसपास करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश घायलों को उपचार के लिए कुचामन जिला अस्पताल लाया जाता है। पहले ट्रॉमा सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे इलाज में देरी होती थी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से अब गंभीर घायलों को समय पर उपचार यहीं उपलब्ध होगा। यह सुविधा क्षेत्र के लोगों के लिए सरकार की बड़ी सौगात है और कुचामन के चिकित्सा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि इस ट्रॉमा सेंटर के माध्यम से किसी एक व्यक्ति की भी जान बचती है तो इसकी स्थापना सार्थक सिद्ध होगी।
राज्य मंत्री ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
गंभीर मरीजों को मिलेंगी अत्याधुनिक और निःशुल्क सुविधाएं
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों और आपदाओं के दौरान जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों की मृत्यु दर में कमी आएगी और उन्हें विशेषज्ञ उपचार निःशुल्क मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर, क्रिटिकल केयर बेड, अत्याधुनिक मॉनिटर, उन्नत एम्बुलेंस तथा आपातकालीन सर्जरी की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। निजी अस्पतालों में जिन उपचारों पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, वही सुविधाएं यहां सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
डॉ. ढाका ने बताया कि एक ही छत के नीचे जनरल सर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मिलकर गंभीर मरीजों का त्वरित उपचार करेगी, जिससे गोल्डन ऑवर में बेहतर चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी।
जनसुनवाई में उठी निजी क्लीनिक में ऑपरेशन कराने की शिकायत
लोकार्पण कार्यक्रम के बाद जिला अस्पताल में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने शिकायत की कि राजकीय जिला अस्पताल में कार्यरत कुछ चिकित्सक मरीजों को अपने निजी क्लीनिक में ले जाकर ऑपरेशन करते हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस शिकायत पर गंभीरता जताते हुए राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने चिकित्सकों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ऐसी जानकारियां मिली हैं कि कुछ चिकित्सक सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी क्लीनिकों में भेज रहे हैं।
‘सरकारी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर खाली नहीं रहने चाहिए’
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर जिला अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, चिकित्सा उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की हैं। जब सरकारी अस्पताल में सभी संसाधन उपलब्ध हैं तो चिकित्सकों को यथासंभव अधिक से अधिक ऑपरेशन यहीं करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि मरीजों को निजी अस्पताल या क्लीनिक भेजना उचित नहीं है। सरकारी अस्पताल में उपचार होने से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क मिल सकेंगी।

मरीजों के हित को रखें सर्वोपरि : विजय सिंह चौधरी
राज्य मंत्री ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा मरीजों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सरकारी अस्पताल की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति को बेहतर, सुलभ और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसमें चिकित्सकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
