परबतसर में अकीदत के साथ निकला मोहर्रम का जुलूस, विधायक रामनिवास गावड़िया ने ढोल बजाकर दिया भाईचारे का संदेश

परबतसर। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में परबतसर में मोहर्रम का पर्व अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। शहर में ताजियों का जुलूस मातमी धुनों, ढोल-ताशों और अखाड़ों के पारंपरिक करतबों के साथ निकाला गया। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अपने निर्धारित मुकाम पहुंचा, जहां परंपरा अनुसार ताजियों को सैराब किया गया।


मोहर्रम जुलूस में परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया भी शामिल हुए। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों के साथ ढोल बजाकर सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। विधायक ने कहा कि परबतसर की पहचान आपसी प्रेम, सद्भाव और गंगा-जमुनी संस्कृति है। मोहर्रम हमें त्याग, बलिदान, सत्य और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। सभी धर्मों के पर्व सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और हमें मिल-जुलकर रहने का संदेश देते हैं।


लियाकत अली ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर शहर में जगह-जगह हलीम और शरबत का वितरण किया गया। ताजिया जुलूस हमीद उस्ताद के अखाड़े तथा गयासुद्दीन काजी मोहल्ला सिपाहियों के अखाड़े की अगुवाई में निकला। मोहर्रम लाइसेंसधारी मुश्ताक़ खिंची की देखरेख में आयोजित जुलूस व्यापारियों के चौक, कचहरी चौक, सिपाहियों का मोहल्ला, जागीरदारों का चौक, तकिया, सदर बाजार, दावल पीर मस्जिद और पुराना पुलिस थाना मार्ग से होकर गुजरा।


पूर्व पार्षद मुराद खान ने विभिन्न स्थानों पर शरबत की व्यवस्था कर अकीदतमंदों की सेवा की। पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक सौहार्द, अनुशासन और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला।

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