नागौर। नागौर के जेएलएन अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ईएनटी (नाक, कान एवं गला) और डेंटल विभाग की संयुक्त टीम द्वारा एक जटिल सेप्टोराइनोप्लास्टी (Septorhinoplasty) सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस सर्जरी के माध्यम से मरीज की नाक की बनावट में सुधार करने के साथ-साथ लंबे समय से चली आ रही सांस लेने की समस्या का भी स्थायी समाधान किया गया।

जानकारी के अनुसार कुम्हारी गांव निवासी मोहम्मद वारिस को नाक की संरचना में विकृति होने के कारण लंबे समय से सांस लेने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या बढ़ने पर उन्होंने नागौर के जेएलएन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क किया। विस्तृत जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद डॉक्टरों की टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए सेप्टोराइनोप्लास्टी सर्जरी करने का निर्णय लिया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने पूरी सावधानी और आधुनिक तकनीक के साथ ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। सर्जरी के बाद मरीज की नाक की संरचना में सुधार हुआ है तथा उसे सांस लेने में भी काफी राहत मिली है। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की स्थिति अब सामान्य है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।

इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि यह जटिल कॉस्मेटिक और फंक्शनल सर्जरी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) के तहत मरीज को पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई गई। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
सर्जरी को सफल बनाने में ईएनटी और डेंटल विभाग की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन टीम में डॉ. जेपी टांक, डॉ. अशुतोष हर्ष, डॉ. सुरेश जाखड़, डॉ. मेहबूब, डॉ. शालिनी गुजराल, डॉ. शादाब, डॉ. संदीप चौधरी और हरीश शामिल रहे।

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि जेएलएन अस्पताल में इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफलतापूर्वक होना जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे नागौर, और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अब बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी तथा उन्हें उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता भी कम पड़ेगी।
अस्पताल प्रशासन ने इसे टीमवर्क, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
