कुचामन सिटी। शहर में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व परंपरा, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। विभिन्न मोहल्लों से निकले छह ताजियों का सामूहिक जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरा अनुसार ताजियों को सैराब किया गया। ढोल-ताशों की मातमी धुनों के बीच अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की।

पुरानी धान मंडी में सभी ताजिये एकत्र हुए, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने जुलूस का दीदार किया। अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, तलवार एवं अन्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व गुरुवार रात को परंपरा अनुसार “कत्ल की रात” मनाई गई, जिसमें सभी ताजियेदारों और अखाड़ों ने भाग लिया। अकीदतमंदों ने अपनी मन्नतों के अनुसार ताजियों पर सेहरे भी चढ़ाए।

सांप्रदायिक सौहार्द की बनी मिसाल
मोहर्रम के जुलूस में कुचामन की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा नजारा देखने को मिला। हिंदू समाज के जनप्रतिनिधि एवं आमजन भी मुस्लिम समाज के साथ जुलूस में शामिल हुए और मातमी धुनों के बीच भाईचारे का संदेश दिया। मदरसा इस्लामिया सोसायटी की ओर से ताजियेदारों की साफा बांधकर दस्तारबंदी भी की गई। जुलूस के दौरान थाना प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा के नेतृत्व में पुलिस एवं प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

महावीर इंटरनेशनल ने किया स्वागत-सम्मान
मोहर्रम ताजिया जुलूस के दौरान सामाजिक संस्था महावीर इंटरनेशनल, कुचामन सिटी ने “सबकी सेवा, सबको प्यार – जियो और जीने दो” के संदेश के साथ मदरसा इस्लामिया सोसायटी के सदर सलीम कुरैशी, युवा नेता रफीक खान, हबीब सोलंकी, याकूब भाटी, नासिर एवं हारून कारीगर का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया।

संस्था के अध्यक्ष वीर रामावतार गोयल सहित वीर अशोक गंगवाल, वीर संदीप, वीर निर्मल पांड्या, वीर तेजकुमार बड़जात्या, वीर सम्पत बगड़िया, वीर बलराम प्रधान एवं गोरधन गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सर्वधर्म सद्भाव का संदेश दिया।

इस अवसर पर मदरसा इस्लामिया सोसायटी की ओर से भी वीर तेजकुमार बड़जात्या का साफा पहनाकर सम्मान किया गया। आयोजन सामाजिक सौहार्द और पारस्परिक सम्मान की प्रेरणादायी मिसाल बन गया।
