कुचामन में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का आयोजन, डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल ने किया महिलाओं से संवाद । अपराजिता’ पुस्तिका का विमोचन, महिला सुरक्षा सखियों व सीएलजी सदस्यों से लिया फीडबैक

कुचामन में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का आयोजन, डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल ने किया महिलाओं से संवाद

‘अपराजिता’ पुस्तिका का विमोचन, महिला सुरक्षा सखियों व सीएलजी सदस्यों से लिया फीडबैक;

जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी

कुचामन सिटी। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान के तहत सोमवार को कुचामनसिटी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर की जूसरी रोड स्थित टैगोर सैनिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (यातायात) मालिनी अग्रवाल ने महिलाओं, युवतियों, महिला सुरक्षा सखियों, सीएलजी सदस्यों और छात्र-छात्राओं से संवाद कर महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

कार्यक्रम की थीम ‘सेफ्टी एंड डिग्निटी फॉर एवरी वुमन’ के तहत जागरूकता, संवाद, आत्मरक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण तैयार करने का संदेश दिया गया।

‘अपराजिता’ बनी महिला सुरक्षा की जानकारी का संकलित माध्यम

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कुचामन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा द्वारा संकलित महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर आधारित पुस्तिका ‘अपराजिता’ का विमोचन रहा। डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल ने पुस्तिका का विमोचन करते हुए इसके लेखक एएसपी विमल सिंह नेहरा के प्रयास की सराहना की।

‘अपराजिता’ पुस्तिका को महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा, अधिकारों, पुलिस सहायता और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने वाले जागरूकता माध्यम के रूप में तैयार किया गया है। पुस्तिका के माध्यम से महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने तथा समय पर पुलिस और संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया है।

मालिनी अग्रवाल ने पुस्तिका की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सरल और उपयोगी सामग्री महिलाओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि महिला को अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी होगी तो वह किसी भी परिस्थिति का ज्यादा मजबूती से सामना कर सकेगी।

महिलाओं से सीधा संवाद, जमीनी अनुभव और सुझाव जाने

टैगोर सैनिक स्कूल के सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिला सुरक्षा सखियों, महिला सीएलजी सदस्यों, गृहिणियों और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं ने भाग लिया। मालिनी अग्रवाल ने जिले में अब तक महिला सुरक्षा को लेकर आयोजित गतिविधियों की जानकारी ली और महिलाओं से जमीनी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों पर संवाद किया।


उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। सुरक्षित समाज के निर्माण में परिवार, स्कूल, शिक्षण संस्थान, बाजार, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही महिलाओं के लिए ऐसा वातावरण बनाया जा सकता है, जिसमें वे बिना भय के शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ सकें।

‘आज महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर नए आयाम स्थापित कर रही हैं’

मीडिया से बातचीत में डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में वर्तमान समय में महिलाओं के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। इसका परिणाम है कि महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर शिक्षा, रोजगार, खेल, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

उन्होंने डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस के प्रयासों की भी सराहना करते हुए कहा कि जिले में महिला जागरूकता के साथ-साथ राजस्थान पुलिस के विभिन्न जनजागरूकता अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी परेशानी को लेकर चुप न रहें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस की मदद लें।

‘मुश्किल में हों तो बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें’

DG मालिनी अग्रवाल ने महिलाओं और बालिकाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी, असुरक्षा या आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने राजकॉप सिटीजन ऐप और पुलिस की उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से पुलिस सहायता अब पहले की तुलना में अधिक आसानी से उपलब्ध है। इसलिए महिलाओं को सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग करना चाहिए।

हेलमेट पहनने का संदेश, बांटे हेलमेट

कार्यक्रम में महिला सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा का संदेश भी दिया गया। महिलाओं और आमजन को दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान हेलमेट का वितरण भी किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा भी परिवार और समाज की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यातायात नियमों की पालना और हेलमेट का उपयोग दुर्घटनाओं में होने वाली गंभीर चोटों और मौतों को रोकने में अहम भूमिका निभाता है।

कालिका टीम और सेल्फ डिफेंस टीम ने निकाली जागरूकता रैली

महिला सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए कालिका टीम, सेल्फ डिफेंस टीम, पुलिस थानों-चौकियों, पुलिस लाइन के जवानों तथा सैनिक स्कूल के जवानों की ओर से वाहन रैली निकाली गई। डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


रैली टैगोर सैनिक स्कूल परिसर से शुरू होकर आसपास के क्षेत्रों से गुजरते हुए वापस स्कूल परिसर पहुंची। रैली के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक किया गया। साथ ही यातायात नियमों की पालना, हेलमेट के उपयोग और सड़क हादसों को रोकने का संदेश भी दिया गया।

बालिकाओं को हेल्पलाइन और नए कानूनों की जानकारी

अभियान के तहत मालिनी अग्रवाल ने सैनिक स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया और छात्र-छात्राओं से संवाद किया। बालिकाओं को विभिन्न पुलिस हेल्पलाइन नंबरों, राजकॉप सिटीजन ऐप तथा महिलाओं से संबंधित नए कानूनों की जानकारी दी गई।

उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न, छेड़छाड़, धमकी या असुरक्षा की स्थिति में मामले को छिपाने के बजाय तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति और पुलिस को जानकारी दें। छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और उपलब्ध सहायता सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।

1 से 31 जुलाई तक चला था विशेष अभियान

गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के निर्देश पर राजस्थान में 1 से 31 जुलाई तक विशेष ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान चलाया गया था। इसी अभियान की प्रगति और जिले में आयोजित गतिविधियों की समीक्षा के लिए डीजी ट्रैफिक मालिनी अग्रवाल 10 अगस्त को कुचामनसिटी पहुंचीं।
उन्होंने विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


आमजन से अपील—महिला सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी बनाएं


कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने आमजन को संदेश दिया कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। परिवार बेटियों को डराने के बजाय उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाए, स्कूल-कॉलेज सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं, समाज महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करे और किसी महिला के साथ गलत होता देखकर लोग मूकदर्शक न बनें।

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पुलिस का संदेश साफ रहा कि महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता, आत्मविश्वास, समय पर सूचना और समाज की सक्रिय भागीदारी—चारों जरूरी हैं। यदि कोई महिला या बालिका परेशानी में है तो उसे अकेला न छोड़ें और जरूरत पड़ने पर पुलिस तक उसकी बात पहुंचाने में मदद करें।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, टैगोर ग्रुप के चेयरमैन पूरण सिंह रणवा, पुलिस उप अधीक्षक विक्की नागपाल, प्रशिक्षु आरपीएस ऋतु कुमारी तथा थानाधिकारी राजेंद्र खदाव सहित पुलिस अधिकारी, जवान, सैनिक स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राएं और महिलाएं मौजूद रहीं।

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