महेंद्र शर्मा के उद्योग समूह का एक और बड़ा विस्तार, 51,600 करोड़ के निवेश समझौतों में अंकुर स्टील का भी नाम
कुचामन सिटी, कुचामन से निकलकर देश के उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले उद्योगपति महेंद्र शर्मा और सुरेन्द्र शर्मा एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहे हैं। उनके नेतृत्व वाली अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड बिहार में करीब 6,000 करोड़ रुपये का स्टील प्लांट स्थापित करेगी। बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुए बड़े निवेश समझौतों में अंकुर स्टील का नाम शामिल हुआ है।
कुचामन की मिश्रों की गली से शुरू हुआ एक संघर्ष आज बिहार में 6 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश तक पहुंच गया है। स्वर्गीय छगनलाल शर्मा के पुत्र और कुचामन सिटी के मूल निवासी उद्योगपति महेंद्र शर्मा और सुरेन्द्र शर्मा के नेतृत्व वाली अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड बिहार में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश से बड़ा स्टील प्लांट स्थापित करने जा रही है।

महेंद्र शर्मा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है कि उनके पिता स्वर्गीय छगनलाल शर्मा ने भी बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में व्यापार की दुनिया में कदम रखा था। कुचामन निवासी छगनलाल शर्मा ने अलग-अलग स्थानों पर व्यापार के अवसर तलाशे और परिवार के लिए बेहतर भविष्य की नींव रखी। पिता के संघर्ष और संस्कारों को साथ लेकर महेंद्र शर्मा ने नमक के कारोबार से अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत की और आज उद्योग जगत में हजारों करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच चुके हैं।
अब उनके औद्योगिक सफर में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। बिहार में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच करीब 51,600 करोड़ रुपये के निवेश के MoU हुए। इनमें महेंद्र शर्मा की कंपनी अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है, जो बिहार में 6,000 करोड़ रुपये का स्टील प्लांट स्थापित करेगी।
बिहार में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच करीब 51,600 करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU हुए। इन्हीं निवेश प्रस्तावों में अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड ने बिहार में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्टील प्लांट स्थापित करने का समझौता किया है।

कुचामन की मिट्टी से निकला नाम, अब बिहार में हजारों करोड़ का निवेश
महेंद्र शर्मा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उनकी कहानी किसी बड़े औद्योगिक घराने से शुरू नहीं हुई थी। कुचामन सिटी की मिश्रों की गली के एक सामान्य परिवार से निकलकर उन्होंने संघर्ष, मेहनत और व्यवहार कुशलता के दम पर उद्योग जगत में अपनी पहचान बनाई।
साल 1974 में उन्होंने नमक के कारोबार से अपने व्यवसायिक जीवन की शुरुआत की थी। नमक कारोबार से अपने व्यवसायिक जीवन की शुरुआत बिहार से करने वाले महेंद्र शर्मा ने धीरे-धीरे बनारस से बंगाल तक नमक की सप्लाई का कारोबार खड़ा किया। इसके बाद व्यापार का विस्तार होता गया और गांधीधाम में नमक रिफाइनरी से लेकर अंकुर नमक तक का सफर तय हुआ।
आज उनके उद्योग समूह में नमक के साथ-साथ इस्पात, इथेनॉल, रियल एस्टेट, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में कारोबार संचालित हो रहा है।
इसी औद्योगिक विस्तार की अगली बड़ी कड़ी अब अंकुर स्टील के रूप में बिहार में सामने आने जा रही है।

अंकुर स्टील का 6,000 करोड़ का प्रोजेक्ट
MoU के अनुसार अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड बिहार में करीब 6,000 करोड़ रुपये का निवेश कर स्टील प्लांट स्थापित करेगी। यह परियोजना केवल कंपनी के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि बिहार के औद्योगिक विकास और रोजगार के लिहाज से भी बड़ा कदम मानी जा रही है।
अंकुर स्टील के प्रबंध निदेशक एवं उद्योगपति महेंद्र शर्मा ने कहा कि यह निवेश केवल स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को देश के प्रमुख स्टील हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि स्टील और मेटल उद्योग में बड़े निवेश से राज्य में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महेंद्र शर्मा की अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड इसका एक माध्यम बनेगी ।
महेंद्र शर्मा के लिए यह उपलब्धि क्यों खास है?
महेंद्र शर्मा की यात्रा पर नजर डालें तो यह उपलब्धि उनके संघर्ष की लंबी कहानी का एक और अध्याय है।
कम उम्र में पारिवारिक जिम्मेदारियों को समझते हुए उन्होंने व्यवसाय की राह पकड़ी और हर बार उन्होंने परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय उन्हें चुनौती के रूप में स्वीकार किया।
आज उसी संघर्ष की परिणति है कि उनके नेतृत्व में संचालित औद्योगिक समूह देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े प्रोजेक्ट संचालित कर रहा है।

जानकारी के अनुसार शर्मा बंधुओं के उद्योग समूह में इथेनॉल उत्पादन, इस्पात उत्पादन, नमक उत्पादन, रियल एस्टेट जहाज निर्माण सहित कई क्षेत्रों में कंपनियां संचालित हैं। इथेनॉल क्षेत्र में भी समूह की कई बड़ी परियोजनाएं सामने आ चुकी हैं।
अब 6,000 करोड़ रुपये का अंकुर स्टील प्रोजेक्ट उनके औद्योगिक सफर में एक और बड़ा मील का पत्थर बनने जा रहा है।
कुचामन में खुशी का माहौल
महेंद्र शर्मा की नई उपलब्धि की खबर कुचामन पहुंची तो शहर के लोगों में भी खुशी और गर्व की भावना देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि महेंद्र शर्मा की सफलता इसलिए प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी पहचान और सफलता की शुरुआत इसी कुचामन की धरती से की और आज देश के दूसरे हिस्सों में हजारों करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कुचामन के लिए यह केवल एक उद्योगपति की सफलता नहीं, बल्कि उस शहर के बेटे की उपलब्धि है जिसने अपनी जन्मभूमि का नाम देश के औद्योगिक नक्शे पर पहुंचाया है।

कुचामन विकास समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश काबरा, वैद्य श्याम स्वरूप गौड़, किशोर सेवदा, जयप्रकाश शर्मा, प्रमोद खंडेलवाल, जुगल खेड़ीवाल, सुरेश मिश्रा , मुस्लिम एजुकेशन एडन वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष शकील कुरैशी, अकीक अहमद उस्मानी ने भी महेंद्र शर्मा की उपलब्धि को कुचामन के लिए गौरव का विषय बताया। सभी ने महेंद्र शर्मा की सफलता को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
