मकराना। नगर परिषद मकराना के सभापति चुनाव में कांग्रेस के रियाज अहमद गौड़ ने जीत दर्ज करते हुए सभापति पद हासिल कर लिया। सोमवार को हुए मतदान के बाद मतगणना में रियाज गौड़ को 36 मत, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी हारून राशिद चौधरी को 24 मत मिले। रियाज गौड़ ने 12 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
सभापति पद के लिए कांग्रेस की ओर से रियाज अहमद गौड़ और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हारून राशिद चौधरी मैदान में थे। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया गया। परिणाम सामने आते ही रियाज गौड़ के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

गौरतलब है कि मकराना नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 36, कांग्रेस ने 18 और भाजपा ने 6 वार्डों में जीत दर्ज की थी। बहुमत का आंकड़ा 31 था। सभापति चुनाव को लेकर परिणाम के बाद से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। भाजपा ने सभापति पद के लिए प्रत्याशी नहीं उतारा था।
जीत के बाद रियाज गौड़ ने कहा…
सभापति निर्वाचित होने के बाद रियाज अहमद गौड़ ने समर्थकों और पार्षदों का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत सभी के सहयोग और विश्वास की जीत है। उन्होंने शहर के विकास, साफ-सफाई, सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
बोरावड़ में कांग्रेस की मनफूल बनीं नगरपालिका अध्यक्ष
वहीं बोरावड़ नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की मनफूल ने जीत दर्ज की। मतगणना में कांग्रेस की मनफूल को 13 वोट, जबकि भाजपा की संजू देवी को 12 वोट मिले। इस तरह मनफूल ने एक मत के अंतर से जीत हासिल कर अध्यक्ष पद अपने नाम किया।
बोरावड़ नगरपालिका में कुल 25 पार्षदों ने मतदान किया था और अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 13 था। मनफूल को 13 मत मिलने के साथ ही उन्होंने बहुमत हासिल कर लिया।
मनफूल बोरावड़ के वार्ड 21 से कांग्रेस की पार्षद भी निर्वाचित हुई थीं। वार्ड चुनाव में उन्हें 293 वोट मिले थे।

जीत के बाद मनफूल ने कहा…
अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद मनफूल ने जीत के लिए पार्षदों और समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगी और बोरावड़ के विकास तथा आमजन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगी।
बोरावड़ में 25 सदस्यीय सदन में भाजपा के 11, निर्दलीय 8, कांग्रेस के 4 और आरएलपी के 2 पार्षद थे। अध्यक्ष पद के चुनाव में मनफूल को 13 मत मिले और उन्होंने बहुमत का आंकड़ा हासिल किया।
