डीडवाना-कुचामन। निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच डीडवाना-कुचामन जिले में भाजपा ने संगठन को मजबूत करने और चुनाव में एकजुट होकर उतरने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी की ओर से जिले में ‘मिशन भरत मिलाप’ के तहत आपसी मतभेद और गलतफहमियां दूर कर पार्टी से दूरी बनाए हुए नेताओं व कार्यकर्ताओं को फिर से संगठन के साथ जोड़ने की कवायद की जा रही है।

जिलाध्यक्ष सुनीता रादड़ के मार्गदर्शन में जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिले के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बनी दूरियों को कम करने तथा सभी को एक मंच पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा की रणनीति है कि निकाय चुनाव में संगठन के सभी धड़ों को साथ लेकर मजबूती से चुनाव मैदान में उतरा जाए।
लाडनूं में दिखा ‘भरत मिलाप’ का असर
इसी रणनीति के तहत लाडनूं में संभाग चुनाव संचालन सहप्रभारी देवजी पटेल ने निकाय चुनाव को लेकर बैठक ली। बैठक में विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे करणी सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह ओडिंट को एक मंच पर लाकर पार्टी ने एकजुटता का संदेश दिया। बैठक में लाडनूं नगर निकाय में भाजपा का बोर्ड बनाने और चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने को लेकर मंथन किया गया।

जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड़ के निर्देश पर आयोजित बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से निकाय चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा की गई। बैठक में पूर्व जिला उपाध्यक्ष मनोहर सिंह रूपपुरा और जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे, लाडनूं में भाजपा का बोर्ड बनाएंगे’
जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा ने कहा कि भाजपा का सबसे बड़ा आधार उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर संगठन की मजबूती के लिए सभी को साथ लेकर चलना पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और संगठन की ताकत के दम पर लाडनूं में भाजपा का बोर्ड बनाया जाएगा।

सुनीता रांदड़ के मार्गदर्शन में संगठन को एकजुट करने पर जोर
भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रादड़ के मार्गदर्शन में चल रही इस कवायद का मुख्य उद्देश्य निकाय चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और पार्टी से जुड़े सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव में जीत के लिए संगठन की एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाकर पुरानी दूरियां खत्म करने और सभी को चुनावी अभियान में साथ लाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
भाजपा की यह कवायद निकाय चुनाव में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के साथ-साथ संगठन के भीतर ‘एकजुट भाजपा, मजबूत भाजपा’ का संदेश देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
