48 लाख के राइस ऑयल गबन का खुलासा: तेल चोरी कर टैंकर पलटाने की रची थी साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार

डीडवाना-कुचामन जिले की कुचामन सिटी थाना पुलिस ने खाद्य तेल गबन के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए 48 लाख रुपये के राइस ऑयल की चोरी और सबूत मिटाने के लिए टैंकर पलटाने की साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी चालक रावताराम और उसके साथी खेताराम को गिरफ्तार कर लिया है। 

आरोपियों ने पहले टैंकर से तेल खुर्दबुर्द किया और बाद में वारदात को हादसा दिखाने के लिए टैंकर को राणासर के पास जानबूझकर पलटा दिया।

पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा, वृत्ताधिकारी मुकेश चौधरी के सुपरविजन तथा कुचामन सिटी थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

ऐसे हुआ पूरे खेल का खुलासा

मामला उस समय सामने आया जब ARSH TRANSPORT COMPANY के मैनेजर महबूब खान ने कुचामन सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनी का टैंकर नंबर PB 03 AP 8237 पंजाब के धुरी से राइस ऑयल भरकर भीलवाड़ा के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में टैंकर का जीपीएस अचानक फतेहपुर के पास बंद हो गया।

कुछ दिनों बाद पुलिस से सूचना मिली कि टैंकर राणासर स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल के पास पलटा हुआ पड़ा है। जब कंपनी प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तो देखा कि टैंकर में तेल बेहद कम था और घटनास्थल पर तेल गिरने के कोई निशान नहीं थे। इससे कंपनी को करीब 48 लाख रुपये के तेल गबन का संदेह हुआ।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुली परतें

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज, जीपीएस लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि चालक रावताराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले तेल चोरी किया और फिर हादसे का रूप देने के लिए टैंकर को जानबूझकर पलटा दिया।

पुलिस टीम ने बाड़मेर और जैसलमेर में दबिश देकर 25 मई 2026 को आरोपी रावताराम और खेताराम को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 5 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने कहा कि डीडवाना-कुचामन पुलिस जिले में संगठित अपराध और धोखाधड़ी के मामलों पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इस प्रकरण में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सतत निगरानी के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों और चोरी किए गए तेल की बरामदगी के लिए अनुसंधान लगातार जारी है।

थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों और लगातार फील्ड वर्क के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को दुर्घटना दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस टीम ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया। उन्होंने कहा कि चोरी किए गए तेल की बरामदगी और अन्य शामिल आरोपियों की तलाश जारी है।

मामले की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले सहायक उप निरीक्षक शिवभगवान ने बताया कि शुरुआती जांच में ही टैंकर पलटने की कहानी संदिग्ध लग रही थी। घटनास्थल पर तेल नहीं फैला होना और जीपीएस बंद होना पुलिस के लिए बड़ा संकेत था। इसके बाद तकनीकी जांच और सीसीटीवी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

कंपनी मैनेजर महबूब खान ने जताया आभार

परिवादी महबूब खान ने डीडवाना-कुचामन पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने बेहद कम समय में पेशेवर तरीके से मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस तत्परता नहीं दिखाती तो इतनी बड़ी धोखाधड़ी का सच सामने आना मुश्किल था।

पुलिस अब चोरी किए गए राइस ऑयल की बरामदगी और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।इस कार्रवाई में कुचामन सिटी थाने के सहायक उप निरीक्षक शिवभगवान, कांस्टेबल श्योलाराम तथा कांस्टेबल श्रीपाल ने अहम भूमिका निभाई।

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