न्याय की चौखट पर मुस्कुराए चेहरे: कुचामन की राष्ट्रीय लोक अदालत में 9 हजार से अधिक प्रकरण निस्तारित


कुचामन सिटी। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा के निर्देशन में तालुका विधिक सेवा समिति कुचामन द्वारा वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने की।


राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन अपर जिला एवं सेशन न्यायालय परिसर कुचामन सिटी में हुआ, जहां बड़ी संख्या में पक्षकार, अधिवक्ता, बैंक अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने कहा कि न्याय हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन अदालतों में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों के समाधान का सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम बनकर सामने आई है।


उन्होंने कहा कि लोक अदालत में ना किसी की जीत होती है और ना किसी की हार, फिर भी हर चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है, क्योंकि यहां आपसी समझौते और मेल-मिलाप के जरिए विवाद समाप्त किए जाते हैं। उन्होंने आमजन से अधिकाधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।
सचिव तालुका विधिक सेवा समिति कैलाश सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक वसूली, बिजली बिल, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण, राजस्व एवं अन्य सिविल मामलों सहित विभिन्न प्रकार के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निस्तारण आपसी समझाइश और राजीनामे के आधार पर किया गया।


उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि गठित बैंच में अध्यक्ष सुन्दर लाल खारोल एवं अधिवक्ता लक्ष्मण गौड़ ने बतौर सदस्य कार्य करते हुए कुल 9332 प्रकरणों का राजीनामे के जरिए निस्तारण करवाया तथा करीब 2 करोड़ 67 लाख 8 हजार 221 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। वहीं कार्यक्रम में कुल 10 हजार से अधिक प्रकरणों का समाधान किए जाने की जानकारी भी दी गई।
लोक अदालत में शामिल विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नेमीचंद ने कहा कि लोक अदालत के जरिए विभागीय मामलों का त्वरित समाधान संभव हो पाता है, जिससे विभाग और उपभोक्ता दोनों को लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि समझाइश और मध्यस्थता के जरिए विवाद समाप्त होने से अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होती है।


भारतीय स्टेट बैंक के प्रभारी नरेश कुमार सैनी ने कहा कि डिफाल्टर से जुड़े मामलों का यदि सामान्य अदालतों में निस्तारण हो तो उसमें काफी समय लग जाता है, लेकिन लोक अदालत के माध्यम से मामलों का तुरंत समाधान हो जाता है और सभी पक्ष संतुष्ट भी रहते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से अदालतों का बोझ कम होने के साथ-साथ समाज में भाईचारा और सौहार्द भी बढ़ता है।


इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक विनोद कुमार वर्मा सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य ऋण प्रकरणों में भारी छूट देकर पक्षकारों को राहत प्रदान की। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने भी बिजली बिलों में छूट देकर प्रकरणों का निस्तारण करवाया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कुचामन शहर, कुचामन ग्रामीण एवं चितावा क्षेत्र के अधिकारियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, भारतीय दूर संचार निगम लिमिटेड, सुंदरम फाइनेंस एवं बीएसएस माइक्रो फाइनेंस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।


कार्यक्रम को सफल बनाने में बार संघ कुचामन के अधिवक्ताओं अनिल कुमावत, मुकेश घंसवा, हरदेव सिंह चौधरी, दराब खान, दौलत खान, रतन प्रधान, बनवारी शर्मा, मुस्ताक खान, संजय जांगिड़, भवानी सिंह, भंवराराम ल्यौरा, पुष्पेंद्र सिंह, श्रीराम चौधरी, यज्ञदत्त, बोदूराम चौधरी, सुश्री सुनिता सैनी एवं राजेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वहीं न्यायालय कर्मचारियों में मनोज कुमार मिश्रा, सम्पत सिंह, जितेन्द्र गौड़, गुलेशर खान, गजेन्द्र चौधरी, कुन्दमल चौधरी, यूसुफ मोहम्मद एवं मदनलाल ने भी बतौर बैंच कर्मचारी सहयोग प्रदान किया।
अंत में अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति सुन्दर लाल खारोल ने बार संघ, न्यायालय कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

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