‘ई-कचरा और हमारा भविष्य-हमारा उत्तरदायित्व’ विषय पर विद्यार्थियों ने रखे विचार, पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निस्तारण पर दिया जोर
लाडनूं। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग के तत्वावधान में ‘ई-कचरा और हमारा भविष्य-हमारा उत्तरदायित्व’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, ई-कचरे से उत्पन्न खतरों तथा इसके उचित निस्तारण की आवश्यकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मनीष भटनागर ने कहा कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में ई-कचरा पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उचित निस्तारण और रीसाइक्लिंग बेहद जरूरी है, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

डॉ. आभा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा ई-कचरे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
भाषण प्रतियोगिता में निहारिका कंवर, मंजू विश्नोई, भैरवी पारीक, कुसुम चौधरी, विनीता पारीक, निकिता कंवर, अन्नू कंवर एवं मीनाक्षी पारीक ने भाग लिया। प्रतियोगिता में डॉ. आभा सिंह और डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई।कार्यक्रम में डॉ. देवीलाल कुमावत, डॉ. अनुजा, सुश्री स्नेहा शर्मा सहित अन्य शिक्षक एवं सभी छात्राध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. गिरिराज भोजक ने भारत सरकार के विशेष अभियान 6.0 की प्रमुख जानकारियां साझा कीं और सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी पारीक ने किया।
