महिला सुरक्षा पर डीडवाना-कुचामन पुलिस का बड़ा अभियान: लाडनूं में महिलाओं से एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान का सीधा संवाद

महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा से लेकर आत्मरक्षा तक दी महत्वपूर्ण जानकारी

लाडनूं | राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार संचालित “महिला सुरक्षा संकल्प अभियान” के तहत जिला पुलिस डीडवाना-कुचामन द्वारा जैन विश्व भारती परिसर, लाडनूं में महिला वॉलंटियर्स, छात्राओं एवं महिलाओं के लिए संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आईं एक हजार से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त की।

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (IPS) ने महिलाओं एवं बालिकाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के साथ छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर उत्पीड़न, स्टॉकिंग (पीछा करना) अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होती है तो वह बिना किसी भय या संकोच के तत्काल पुलिस से संपर्क करे। जिला पुलिस प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशील, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी

एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कहा कि “महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज के विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता का आधार है। जिला पुलिस प्रत्येक महिला एवं बालिका की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य ऐसा सुरक्षित वातावरण विकसित करना है, जहां प्रत्येक महिला निर्भीक होकर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ सके। महिला सुरक्षा संकल्प अभियान इसी दिशा में जनभागीदारी आधारित प्रभावी पहल है।”

राजकॉप ऐप और आत्मरक्षा प्रशिक्षण की दी जानकारी

एसपी डॉ. शिवरान ने महिलाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संकट की स्थिति में इसके माध्यम से तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कालिका यूनिट द्वारा संचालित आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना करने का आह्वान किया।

जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा- ASP हिमांशु शर्मा 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, महिला बीट अधिकारी, वरिष्ठजन संबल योजना, विशाखा गाइडलाइन तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम की जानकारी दी।

हिमांशु शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर जागरूकता प्रत्येक महिला की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने या सोशल मीडिया पर होने वाले उत्पीड़न से सतर्क रहें। समय रहते पुलिस को सूचना देने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।

उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचने तथा किसी भी साइबर अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।

महिला सुरक्षा के साथ विश्वास और सहभागिता बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना, उन्हें उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा पुलिस और समाज के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहभागिता को और सुदृढ़ करना रहा।

इस अवसर पर महिला सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला वॉलंटियर्स एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में सुमन नाहटा, विजयश्री शर्मा, रचना हिरण (जैन विश्व भारती, लाडनूं), हिमांशु शर्मा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), जितेन्द्र सिंह (वृताधिकारी, लाडनूं), ऋतु कुमारी (RPS) (थानाधिकारी, पुलिस थाना डीडवाना), शंभूदयाल (पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी, लाडनूं), कालिका टीम, महिला पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न थानों का पुलिस जाप्ता उपस्थित रहा।

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