डीडवाना में एबीआरएसएम का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शुरू, सैकड़ों शिक्षकों ने लिया भाग


डीडवाना/शकील अहमद उस्मानी, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम, स्कूल शिक्षा) जिला डीडवाना का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन मालियन सूर्य मंदिर स्थित माली समाज पंचायत भवन में शुरू हुआ। सम्मेलन के प्रथम दिवस जिले के डीडवाना, लाडनूं, मौलासर, कुचामन, नावा, परबतसर एवं मकराना खंडों से सैकड़ों शिक्षकों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।


उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारंभिक अजीत सिंह देथा एवं रूपाराम पिंडार रहे। विशिष्ट अतिथि प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा रहे। कार्यक्रम जिला पालक कार्यकर्ता एवं संभाग संयुक्त मंत्री महिला मंजू चौहान के पर्यवेक्षण तथा प्रदेश विमर्श कार्यशाला सदस्य कैलाश सोलंकी एवं पूर्णकालिक कार्यकर्ता राजेंद्र दाधीच के सानिध्य में संपन्न हुआ।


जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार स्वामी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि जिला मंत्री करण सिंह भावला ने जिला प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह का संयोजन भी जिला मंत्री करण सिंह भावला ने किया।
संत रविदास के विचारों की प्रासंगिकता पर हुआ उद्बोधन
द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्रा रहे। सत्र की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जितेंद्र स्वामी ने की तथा विशिष्ट अतिथि पोल स्टार स्कूल के निदेशक पंकज सैनी रहे।
मुख्य वक्ता मनोज कुमार मिश्रा ने संत रविदास जी के 650वें प्राकट्य दिवस के विषय पर प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के सामाजिक समरसता के विचारों को शिक्षक वर्ग अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के माध्यम से समाज तक पहुंचाएं। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।


विद्यालय को स्वाभिमान का केंद्र बनाने पर जोर


तृतीय सत्र में ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ एवं ‘विद्यालय में सशक्त प्रार्थना सभा’ विषय पर जिला पालक कार्यकर्ता एवं प्रदेश पर्यवेक्षक मंजू चौहान ने प्रबोधन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय जीवन का वह पवित्र मंदिर है, जहां व्यक्ति शिक्षा, संस्कार और जीवन जीने की कला सीखता है।
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण हैं और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर प्रदेश विमर्श कार्यशाला सदस्य कैलाश सोलंकी एवं पूर्णकालिक कार्यकर्ता राजेंद्र दाधीच ने संगठन की रीति-नीति एवं विभिन्न गतिविधियों पर अपने विचार रखे।


खुला सत्र आयोजित, शिक्षकों की समस्याओं पर हुआ मंथन


चतुर्थ सत्र में खुले सत्र का आयोजन किया गया। इसमें डीडवाना जिले के विभिन्न खंडों के अध्यक्ष, मंत्री एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने जिला पालक कार्यकर्ता मंजू चौहान के समक्ष अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा ने सैकड़ों शिक्षकों को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।

आयोजक शाखा के अध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय एवं मंत्री शोपाळ सिंह ने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन प्रातः 11 बजे संगठनात्मक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक जिला पालक कार्यकर्ता मंजू चौहान लेंगी। इसमें जिले के सभी खंडों एवं जिला कार्यकारिणी के सदस्य, संकुल संयोजक एवं सह-संयोजक उपस्थित रहेंगे।


इसके बाद अंतिम सत्र में समारोह सत्र आयोजित होगा। इसमें जिला कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्यों के आतिथ्य में जिलेभर से प्राप्त शिक्षक समस्याओं का संकलन किया जाएगा और उन्हें प्रस्ताव के रूप में प्रदेश कार्यकारिणी को भेजा जाएगा।


कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री भगवान सिंह राठौड़, शंभू सिंह गौड़, किशन लाल चौहान, पवन कुमार जोशी, भुवनेश कुमार शर्मा, गिरिराज जोशी, भंवर सिंह सोलंकी, अनुराधा शर्मा, विजेंद्र सिंह, भगवान सिंह, सुरेश कुमावत, प्रवीण शर्मा, मोती सिंह, विक्रम सिंह, रामनिवास बिश्नोई, सुरेश शर्मा एवं डॉ. गणेश सैनी सहित जिले एवं विभिन्न खंडों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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