कुचामन शहर की सीवरेज व जल प्रदाय योजना में कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े जनहित के मामले में सुनवाई के दौरान सामने आया विरोधाभास, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने उठाया था मुद्दा
कुचामन सिटी। शहर की सीवरेज एवं जल प्रदाय योजना में कथित लापरवाही, अधूरे कार्य और लोगों को हो रही परेशानी के मामले में ताल्लुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुसुम सूत्रकार के समक्ष शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में RUIDP और L&T के प्रतिनिधि उपस्थित हुए, जबकि उपखंड अधिकारी एवं नगर परिषद आयुक्त नोटिस तामील होने के बावजूद व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

सुनवाई के दौरान सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट को लेकर भी महत्वपूर्ण स्थिति सामने आई। अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय के समक्ष कहा कि शहर में चर्चा है कि RUIDP और L&T द्वारा सीवरेज एवं जल प्रदाय योजना के कार्य पूर्ण होने के संबंध में सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट लेने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि शहर के कई हिस्सों में अभी भी कार्य अधूरे हैं और अनेक घरों में सीवरेज तथा पेयजल के कनेक्शन तक नहीं हुए हैं।
इस पर न्यायालय में उपस्थित RUIDP और L&T के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने कोई सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मांगा है।
आयुक्त ने बताई अलग स्थिति, कहा—‘पहले काम पूरा हो, फिर प्रमाण पत्र’
हालांकि, इसी मुद्दे पर नगर परिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने इससे अलग स्थिति बताई है। आयुक्त के अनुसार जुलाई माह में RUIDP और L&T के प्रतिनिधि नगर परिषद कार्यालय आए थे। वे शहर में सीवरेज एवं जल प्रदाय योजना से जुड़े कार्य पूर्ण होने तथा कोई समस्या बाकी नहीं रहने संबंधी तथ्यों पर हस्ताक्षर करवाना चाह रहे थे।

आयुक्त कांकरिया ने बताया कि उन्होंने उस समय स्पष्ट रूप से कहा था कि शहर में अभी कार्य पूरा नहीं हुआ है। कई इलाकों में हुए कार्यों को लेकर आमजन में असंतोष है और लोगों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में जब तक जनता से जुड़ी तमाम शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता और कार्य पूर्ण होने की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक नगर परिषद की ओर से सेटिस्फेक्शन प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
इस प्रकार, एक ओर न्यायालय में RUIDP और L&T के प्रतिनिधियों ने सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मांगे जाने की बात कही, वहीं नगर परिषद आयुक्त ने जुलाई में प्रतिनिधियों के नगर परिषद कार्यालय आकर कार्य पूर्ण होने संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के प्रयास की जानकारी दी है। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या न्यायालय में RUIDP और L&T के प्रतिनिधियों ने मामले की सुनवाई के दौरान इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में कोई अलग जानकारी प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने उठाए अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल
सुनवाई के दौरान प्रार्थी हरीश कुमावत पारीक कॉलोनी एवं हॉस्पिटल रोड के निवासियों के साथ अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक एवं अधिवक्ता कोमल पारीक न्यायालय में उपस्थित हुए।
अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय को बताया कि शहर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उपखंड अधिकारी एवं नगर परिषद आयुक्त की है। दोनों अधिकारियों को न्यायालय की ओर से नोटिस तामील होने के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि RUIDP और L&T की ओर से भी केवल प्रतिनिधियों को भेजकर औपचारिकता पूरी की गई है, जबकि इस मामले में सक्षम अधिकारी ही वास्तविक स्थिति के संबंध में न्यायालय के समक्ष जवाब दे सकते हैं।

अधिवक्ता पारीक ने शहर में सीवरेज एवं पेयजल योजना के अधूरे कार्यों, आमजन की परेशानियों और सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट से जुड़े सवालों को भी न्यायालय के समक्ष रखा।
अधिवक्ता ने कहा कि जब शहर के अनेक हिस्सों में अभी सीवरेज एवं पेयजल के काम पूरे नहीं हुए हैं, कई घरों को कनेक्शन नहीं मिले हैं और जनता शिकायतें कर रही है, तो कार्य पूर्ण होने संबंधी प्रमाण पत्र जारी करने का सवाल ही नहीं उठता।
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों तथा अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि 13 अगस्त को सभी पक्षकार आवश्यक रूप से व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित रहें।
बदबू और बाधित सीवरेज व्यवस्था की शिकायतें
सुनवाई के दौरान पारीक कॉलोनी के निवासियों ने सीवरेज परियोजना की खामियों के कारण हो रही परेशानी भी न्यायालय के सामने रखी।
पारीक कॉलोनी निवासी राधेश्याम स्वामी एवं रूप सिंह राजपुरोहित ने घरों में बदबू आने की शिकायत की। वहीं बनवारी लाल पारीक, सोहन लाल पारीक, रमेश चंद खरीट, तुलसीराम शर्मा, पवन पुरोहित और संदीप अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने सीवरेज प्रणाली बाधित होने से हो रही परेशानी से न्यायालय को अवगत कराया।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश कुसुम सूत्रकार ने निर्देश दिए कि न्यायालय में उपस्थित सभी प्रभावित व्यक्तियों की सूची तैयार की जाए और आगामी तीन दिनों में आवश्यक कार्रवाई कर उनकी परेशानी से निजात दिलाई जाए।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने उठाया था जनहित का मुद्दा
सीवरेज एवं जल प्रदाय योजना से जुड़ी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की ओर से जनहित का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान पंचायत के प्रांत प्रतिनिधि कृष्ण पारीक, सोनल वैष्णव, डॉ. हरीश कुमावत, जितेन्द्र ओझा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अब 13 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में सभी संबंधित पक्षकारों की व्यक्तिगत उपस्थिति के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शहर में सीवरेज एवं जल प्रदाय योजना के कितने कार्य वास्तव में पूर्ण हुए हैं, आमजन की शिकायतों का क्या समाधान हुआ है और सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट को लेकर RUIDP, L&T तथा नगर परिषद की वास्तविक स्थिति क्या है।
