RO हुकमीचंद के ‘बोल्ड फैसले’: वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी उमाशंकर का पर्चा खारिज, वार्ड 16 में UP के SC प्रमाण-पत्र पर रजनी मेघवाल का पर्चा भी खारिज

RO हुकमीचंद के ‘बोल्ड फैसलें’: वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी उमाशंकर का पर्चा खारिज, वार्ड 16 में UP के SC प्रमाण-पत्र पर रजनी मेघवाल का पर्चा भी खारिज

उमाशंकर ने  निर्दलीय प्रत्याशी पत्नी आशा को समर्थन देने की जारी की अपील 

विचाराधीन मुकदमे में 7 साल से ज्यादा सजा के प्रावधान का हवाला देकर नामांकन निरस्त | 

डीडवाना – कुचामन । नगरीय निकाय चुनाव 2026 में नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दौरान नावां में रिटर्निंग अधिकारी हुकमीचंद रोहलानिया के दो फैसले खासे चर्चा में आ गए। जांच के दौरान नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए वार्ड नंबर 13 से कांग्रेस प्रत्याशी उमाशंकर शर्मा का नामांकन निरस्त कर दिया गया, जबकि वार्ड नंबर 16 से निर्दलीय प्रत्याशी रजनी मेघवाल का पर्चा भी खारिज हुआ। दोनों मामलों ने नावां की चुनावी राजनीति को अचानक गरमा दिया है।

वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज

वार्ड नंबर 13 से कांग्रेस प्रत्याशी उमाशंकर शर्मा ने नामांकन पत्र में अपने खिलाफ एक विचाराधीन आपराधिक मुकदमे की जानकारी दी थी। संवीक्षा के दौरान RO हुकमीचंद रोहलानिया ने संबंधित मामले की जानकारी और उसमें निर्धारित सजा के प्रावधानों की जांच की। RO के अनुसार, विचाराधीन मामले में सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान होने के कारण नामांकन नियमानुसार स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।

मामले को लेकर RO हुकमीचंद ने कांग्रेस प्रत्याशी और पार्टी पदाधिकारियों को कार्यालय बुलाकर नामांकन निरस्त किए जाने के आधार की जानकारी दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नियमों की स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद प्रत्याशी और पार्टी पदाधिकारियों ने भी इसे समझा और सहमति व्यक्त की।

RO के फैसले के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने खेला सहानुभूति का कार्ड

नामांकन खारिज होने के बाद उमाशंकर शर्मा ने इसे अपने साथ अन्याय बताते हुए राजनीतिक रूप से नया दांव चला। उन्होंने अपनी पत्नी आशा शर्मा को वार्ड नंबर 13 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में है ,को मतदाताओं से उन्हें वोट देने की अपील की।

सोशल मीडिया पर  की गई इस अपील में उमाशंकर शर्मा ने अपने साथ हुई कार्रवाई को सामने रखते हुए वार्ड की जनता से पत्नी आशा शर्मा के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। इस घटनाक्रम को स्थानीय राजनीति में सहानुभूति हासिल करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। यानी कांग्रेस के टिकट पर उमाशंकर का नामांकन भले ही मैदान से बाहर हो गया, लेकिन अब उनकी पत्नी के जरिए उसी वार्ड में चुनावी मुकाबला जारी रखने की कोशिश की गई है।

वार्ड 16 में दो बार चुनाव जीत चुकी रजनी मेघवाल का पर्चा भी निरस्त

इसी संवीक्षा में वार्ड नंबर 16 से निर्दलीय प्रत्याशी रजनी मेघवाल का नामांकन भी RO हुकमीचंद रोहलानिया ने खारिज किया। रजनी मेघवाल ने आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग का प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश से जारी हुआ प्रस्तुत किया था। जांच में यह प्रमाण-पत्र राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव के लिए निर्धारित पात्रता के अनुरूप नहीं पाया गया।

RO हुकमीचंद के अनुसार, नामांकन पत्र की जांच 

नियमों के तहत की गई और प्रमाण-पत्र निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण नामांकन निरस्त करना पड़ा। खास बात यह है कि रजनी मेघवाल इससे पहले दो बार निकाय चुनाव जीत चुकी हैं। RO ने इस पर कहा कि पूर्व के चुनावों में संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों ने उनका नामांकन किस आधार पर स्वीकार किया था, यह उनकी जानकारी से बाहर है, लेकिन वर्तमान संवीक्षा में नियमों के अनुरूप दस्तावेज सही नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

नियमों के आगे कोई समझौता नहीं

नावां में संवीक्षा के दौरान अधिकांश नामांकन उन मामलों में निरस्त हुए, जहां राजनीतिक दल के नाम से पर्चा तो दाखिल किया गया था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न/संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। ऐसे मामलों में भी RO हुकमीचंद रोहलानिया ने नियमों के अनुसार निर्णय लिया।

वार्ड 13 और वार्ड 16 के मामलों में खास बात यह रही कि दोनों ही निर्णयों का सीधा असर चुनावी मुकाबले पर पड़ा। एक ओर कांग्रेस प्रत्याशी उमाशंकर का पर्चा खारिज होने के बाद उनकी पत्नी आशा शर्मा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मोर्चा संभाल लिया, वहीं दूसरी ओर दो बार चुनाव जीत चुकीं रजनी मेघवाल का नामांकन भी दस्तावेजी पात्रता के चलते चुनावी मैदान से बाहर हो गया।

अब नावां के वार्ड 13 में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है—कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज, पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में  मैदान में और पीछे उमाशंकर की सहानुभूति वाली अपील। ऐसे में RO हुकमीचंद रोहलानिया के फैसले के बाद बदली चुनावी तस्वीर पर सभी की नजरें टिकी हैं। दूसरी और वार्ड 16 में निर्दलीय प्रत्याशी रजनी मेघवाल का नामांकन खारिज होना भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है ,क्योंकि माना जा रहा है कि रजनी देवी चुनाव लड़कर जीत जाती तो वे भाजपा के पाले में जा सकती थी ।

error: News 1 Rajasthan