डीडवाना-कुचामन जिले के डीडवाना उपखंड क्षेत्र के सिंघाना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भामाशाह पवन भाकर एवं सतीश भाकर ने अपने स्वर्गीय पिता खेमकरण भाकर की स्मृति में 51 हजार रुपये की लागत से विद्यार्थियों के लिए झूलों और स्लाइड (फिसलपट्टी) का निर्माण करवाया। झूलों का विधिवत उद्घाटन भामाशाह भाइयों की माता श्रीमती भगवानी देवी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

झूलों के निर्माण से विद्यालय के विद्यार्थियों को खेल एवं मनोरंजन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है। पिता की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए भामाशाह परिवार द्वारा किए गए इस कार्य की विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों ने सराहना की।
पिता की स्मृति में किया सेवा कार्य
भामाशाह पवन भाकर एवं सतीश भाकर ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय खेमकरण भाकर हमेशा समाज एवं जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करते थे। उनकी स्मृति में विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए झूले लगवाकर उन्हें आत्मिक संतोष मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल सुविधाएं भी जरूरी हैं और भविष्य में भी विद्यालय एवं समाजहित के कार्यों में सहयोग करने का प्रयास रहेगा।

प्रधानाचार्य ने जताया आभार
विद्यालय के प्रधानाचार्य छोटू लाल ने भामाशाह पवन भाकर एवं सतीश भाकर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए झूलों की आवश्यकता थी। भामाशाह परिवार ने आगे आकर यह महत्वपूर्ण कार्य करवाया, जिससे विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से भामाशाह परिवार का आभार जताया।

विद्यालय के शिक्षक सैयद इमरान अली ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों द्वारा शिक्षा संस्थानों में इस प्रकार का सहयोग करना प्रेरणादायी है। पवन भाकर एवं सतीश भाकर ने अपने पिता की स्मृति में विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए झूलों का निर्माण करवाकर सराहनीय पहल की है। उन्होंने कहा कि ऐसे सहयोग से विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं और अन्य भामाशाह भी विद्यालयों के विकास के लिए आगे आने के लिए प्रेरित होते हैं। इस दौरान विद्यालय स्टाफ ने भामाशाह परिवार का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

विद्यालय परिवार ने स्वर्गीय खेमकरण भाकर की स्मृति में किए गए इस सेवा कार्य के लिए भाकर परिवार का आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
