मदर्स डे पर ममता का अनूठा उपहार : जीव दया और पर्यावरण संरक्षण के लिए 20 लाख की भूमि दान

कुचामन सिटी में मदर्स डे के अवसर पर मानवता, जीव दया और पर्यावरण संरक्षण की भावना से जुड़ा एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला। शहर की सामाजिक संस्था “जीव दया सेवा समिति” को कार्यालय संचालन एवं जीव दया से जुड़े अन्य सामाजिक कार्यों के लिए प्रेम चंद मोहन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से करीब 1500 वर्ग फीट भूमि दान स्वरूप प्रदान की गई।


खास बात यह रही कि यह भूमि कुचामन के प्रसिद्ध कुचामन वैली क्षेत्र में स्थित है, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। इस अवसर पर समिति सदस्यों ने ट्रस्ट की संरक्षिका चंद्रकला देवी माथुर का राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा और माला पहनाकर अभिनंदन किया। वहीं ट्रस्ट से जुड़े अरशद अख्तर कुरैशी, श्यामलाल कुमावत और रितु माथुर का भी सम्मान किया गया।

मां केवल परिवार ही नहीं, समाज को भी संवारती है” — चंद्रकला देवी माथुर

मदर्स डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में चंद्रकला देवी माथुर ने कहा कि मां का स्वरूप केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज और जीव-जंतुओं के प्रति भी करुणा और सेवा का भाव रखती है। उन्होंने कहा कि जीव दया और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यदि समाज में सेवा और संवेदना की भावना मजबूत होगी तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इसी सोच के साथ ट्रस्ट की ओर से यह भूमि जीव दया सेवा समिति को समर्पित की गई है ताकि संस्था अपने सामाजिक कार्यों को और मजबूती से आगे बढ़ा सके।

यह केवल जमीन नहीं, समाज के विश्वास का प्रतीक” — नरेश जैन

जीव दया सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश जैन ने प्रेम चंद मोहन चैरिटेबल ट्रस्ट का आभार जताते हुए कहा कि यह सहयोग समिति के लिए बेहद प्रेरणादायक और ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह केवल जमीन का दान नहीं बल्कि समाज के विश्वास और सेवा कार्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि समिति लंबे समय से जीव दया, गौ सेवा, पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण बचाने को लेकर विभिन्न अभियान चला रही है। अब इस भूमि पर संस्था का कार्यालय और सेवा गतिविधियों से जुड़े कार्य संचालित किए जाएंगे, जिससे जरूरतमंद पशु-पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को नई दिशा मिलेगी।

“सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं” — अरशद अख्तर कुरैशी

प्रेमचंद मोहन ट्रस्ट से जुड़े अरशद अख्तर कुरैशी ने कहा कि समाज में इंसानियत और जीव दया की भावना हमेशा जीवित रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता ही इंसान को बेहतर बनाती है।

उन्होंने कहा कि मदर्स डे जैसे अवसर हमें करुणा, ममता और सेवा की सीख देते हैं और इसी भावना के साथ ट्रस्ट समाजहित के कार्यों में निरंतर सहयोग करता रहेगा।

पर्यावरण संरक्षण आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी” — श्यामलाल कुमावत

श्यामलाल कुमावत ने कहा कि आज तेजी से बदलते माहौल में पर्यावरण संरक्षण और जीव दया दोनों ही बेहद जरूरी विषय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर ऐसे कार्य करने चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक संदेश छोड़ें।

उन्होंने जीव दया सेवा समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लगातार समाज में संवेदनशीलता और सेवा का संदेश दे रही है, जो वास्तव में प्रेरणादायक है।

ये रहे मौजूद

इस मौके पर जीव दया सेवा समिति अध्यक्ष जीव मित्र नरेश जैन, सचिव जीव मित्र प्रदीप काला, कोषाध्यक्ष जीव मित्र सुरेश गंगवाल, उपसचिव जीव मित्र प्रदीप गंगवाल, जीव मित्र हेमराज पारीक, जीव मित्र सुरेश गौड़,जीव मित्र अशोक दीपचंद काला, जीव मित्र सचिन सर नवोदय विद्यालय, जीव मित्र राजकुमार झांझरी खारड़िया , जीव मित्र CA गुंजन गंगवाल, जीव मित्र पंकज काला,जीव मित्र प्रमोद बिश्नोई,जीव मित्र ओमप्रकाश गौड़, प्रभु दयाल उपस्थित रहें ।

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