भीवपुरा हमले में 23 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं—पीड़ित ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु, 28 अप्रैल से क्रमिक अनशन का ऐलान

डीडवाना – कुचामन जिले के मारोठ थाना क्षेत्र के भीवपुरा गांव में हुए जानलेवा हमले का मामले में घटना के 3 सप्ताह बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आहत पीड़ित शिशपाल जाट ने देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। वहीं न्याय की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष ने 28 अप्रैल से क्रमिक अनशन शुरू करने की घोषणा की है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और गवाहों व परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। साथ ही पुलिस पर लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई में देरी के आरोप लगाए गए हैं।

सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर घायल शिशपाल को लिटाकर विरोध जताया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की । इस दौरान तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल को ज्ञापन देने से पहले प्रदर्शनकारियों ने विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया।

बाद में तहसीलदार की मौजूदगी में 108 एंबुलेंस से घायल शिशपाल को अस्पताल भिजवाया गया।

पीड़ित परिवार ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 28 अप्रैल से शुरू होने वाले क्रमिक अनशन में सीताराम लुहाच, बजरंग लाल लुहाच, भानू प्रताप जांगिड़, महेंद्र कुमार कस्वा, पूर्णमल नेटवाल, रामकुमार जांगु और कमल किशोर जागूं शामिल होंगे।

घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है और आमजन में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

क्या है पूरा मामला :

4 अप्रैल की रात करीब 9:15 बजे भीवपुरा निवासी शिशपाल जाट अपने साथी रामकुमार के साथ वाहन से घर लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रुकवाकर दोनों को नीचे उतार लिया और शिशपाल पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उसके सिर, शरीर और पैर पर गंभीर चोटें आईं, जबकि पैर में फ्रैक्चर भी हुआ। हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद 5 अप्रैल को मारोठ थाने में मामला दर्ज कराया गया, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी को लेकर ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है और उपखंड कार्यालय के बाहर धरना जारी है।

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