प्रदेश में जहां एक ओर निजी विद्यालयों द्वारा किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों के नाम पर अभिभावकों से भारी भरकम राशि वसूलने की खबरें आम होती जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुचामन सिटी में सामाजिक संस्था कुचामन विकास समिति की और से संचालित ,श्री सागरमल बांगड़ा आदर्श बाल मंदिर माध्यमिक विद्यालय एक मिसाल बनकर सामने आया है। यहां विद्यार्थियों को किताबों के अलावा लगभग सभी जरूरी सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शिक्षा नगरी कुचामन में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य के साथ यह पहल की गई है। विद्यालय में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को कई आवश्यक सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त दी जा रही हैं।
विद्यालय में सभी छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क गणवेश, जूते एवं मोजे, पाठ्य पुस्तकें, नोटबुक्स, स्कूल डायरी, स्कूल बैग, बेल्ट व टाई, लंच बॉक्स और पानी की बोतल उपलब्ध करवाई जा रही है। इस तरह की व्यवस्था ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है।
कुचामन विकास समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष ओम प्रकाश काबरा ने बताया कि विद्यालय की विशेषताओं की बात करें तो यहां आधुनिक तकनीक से स्मार्ट बोर्ड और प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई, सुव्यवस्थित कंप्यूटर लैब, ऑडियो-वीडियो कक्ष, एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम के साथ अंग्रेजी की अतिरिक्त कक्षाएं, योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा अध्यापन, खेल मैदान, आरओ वाटर, प्ले ग्रुप कक्षाएं, वन विहार और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। विद्यालय का बोर्ड कक्षाओं में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम भी रहा है।

इस संबंध में सचिव सुरेश कुमार गौड़ और कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुमित्रा कुमावत ने बताया कि उनका उद्देश्य शिक्षा को सुलभ और समान बनाना है, ताकि फीस और खर्चों के अभाव में कोई भी बच्चा अच्छी शिक्षा से वंचित न रह जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश करवाकर इस पहल का लाभ उठाएं।
कुचामन में इस तरह की पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा दिखा रही है, बल्कि निजी स्कूलों की महंगी व्यवस्था पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
