कुचामन में नियमों को ताक पर रखकर बन रहे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स! पार्किंग, सेटबैक और निर्माण स्वीकृति पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, अवैध निर्माणों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग
कुचामन सिटी। शहर में तेजी से बढ़ रहे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण को लेकर नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वीकृत नक्शों से अलग निर्माण, पर्याप्त पार्किंग और सेटबैक की व्यवस्था नहीं होने, भवन निर्माण नियमों की अनदेखी तथा मुख्य मार्गों और संकरी गलियों में निर्माण सामग्री डालने की शिकायतों ने शहरी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच करवाकर नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शहर में प्राइवेट स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तेजी से बनाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ निर्माणों में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि कई जगह पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और अतिक्रमण व जाम की समस्या बढ़ती है।
महेश रामचंद्रका बोले: नियमों के अनुसार कार्रवाई जरूरी
नगर परिषद कुचामन सिटी के सभापति महेश रामचंद्रका ने कहा कि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जरूरत है। भवन निर्माण से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण की स्थिति का मिलान किया जाना आवश्यक है, ताकि नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

शहर में बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण के दौरान पार्किंग, सेटबैक और अन्य निर्धारित प्रावधानों का पालन हुआ है या नहीं, इसकी जांच महत्वपूर्ण है। यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे से अलग पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
आयुक्त शिकेश कांकरिया ने कहा: अलग-अलग टीमें गठित कर होगी कार्रवाई
नगर परिषद कुचामन सिटी के आयुक्त शिकेश कांकरिया ने कहा कि शहर में जहां भी कॉम्प्लेक्स या प्रतिष्ठानों का निर्माण कार्य हो रहा है, वहां नियमों के उल्लंघन, पार्किंग की समस्या, सेटबैक और अग्निशमन सुविधाओं की उपलब्धता की जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी से जुड़ी शिकायतों को लेकर नगर परिषद की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप हों।
स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण की शिकायतें
शहर में ऐसी शिकायतें भी सामने आई हैं कि कुछ भवनों को एक-दो मंजिल की अनुमति मिलने के बावजूद चार मंजिल या उससे अधिक तक बनाया जा रहा है। कुछ मामलों में निर्माण के दौरान स्वीकृत नक्शे से अलग बदलाव किए जाने तथा पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान का अन्य उपयोग करने के आरोप हैं।
शिकायतों के अनुसार, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्राहकों और अन्य वाहन चालकों को सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इससे मुख्य मार्गों के साथ-साथ संकरी गलियों में भी यातायात प्रभावित होता है। निर्माण स्थलों पर ईंट, पत्थर, बजरी और अन्य सामग्री सड़कों के किनारे डालने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
चुनावी आचार संहिता के दौरान हुए निर्माणों की जांच की मांग
मामले में यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि चुनावी गतिविधियों और आचार संहिता के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की व्यस्तता के बीच कहीं निर्माण नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। ऐसे निर्माणों की जांच की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित अवधि में किन स्थानों पर निर्माण हुआ और क्या वे स्वीकृत नक्शों तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं।
शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कुछ व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में पार्किंग, सेटबैक और अग्निशमन सुरक्षा संबंधी मानकों की अनदेखी की गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित भवनों के दस्तावेजों और मौके पर वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही हो सकेगी।
सड़क किनारे निर्माण सामग्री से यातायात प्रभावित
शहर के कई मार्गों और गलियों में निर्माण कार्य के दौरान ईंट, पत्थर, बजरी और अन्य सामग्री सड़क किनारे रखे जाने की शिकायतें हैं। इससे रास्ते संकरे हो जाते हैं और राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर आवागमन बाधित होने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर परिषद निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करे और सड़क पर निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
अवैध निर्माणों की निष्पक्ष जांच जरूरी
शहर में बढ़ते व्यावसायिक निर्माण के बीच भवन निर्माण नियमों का पालन सुनिश्चित करना नगर परिषद के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। शिकायतों के आधार पर संबंधित भवनों के स्वीकृत नक्शे, निर्माण की वास्तविक स्थिति, पार्किंग, सेटबैक और अग्निशमन सुविधाओं की जांच की जानी चाहिए।
अब देखना होगा कि नगर परिषद की ओर से गठित की जाने वाली टीमें कब तक जांच पूरी करती हैं और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई की जाती है। शहरवासियों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और यातायात, पार्किंग तथा सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकलेगा।
