बडू थाने के बाहर 7 दिन बाद न्याय नहीं मिला तो फिर होगा बड़ा आंदोलन, जस्साराम संदिग्ध मौत मामले में प्रशासन ने मांगा समय
सुसाइड नोट में नामजद आरोपियों पर कार्रवाई समेत चार मांगों पर बनी सहमति,
विशेष जांच समिति गठित; लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने स्थगित किया धरना
डीडवाना-कुचामन जिले के बड़ू थाने के जस्साराम सारण की संदिग्ध मौत मामले के विरोध में बडू थाने के सामने चल रहा धरना प्रशासन और सर्वसमाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने मृतक के परिजनों और सर्वसमाज की ओर से उठाई गई मांगों पर कार्रवाई के लिए 7 दिन का समय मांगा है। प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
धरने के दौरान मृतक के भाई धर्माराम सारण सहित सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, सुसाइड नोट में उल्लेखित नामों के खिलाफ कार्रवाई और मामले से जुड़े अन्य सवालों के जवाब देने की मांग उठाई। मांगों को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई वार्ता में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।

चार माँगें रखी गई प्रशासन और पुलिस के सामने
वार्ता के दौरान सर्वसमाज और मृतक के परिजनों की ओर से मुख्य रूप से चार मांगें रखी गईं—
1. सुसाइड नोट में लिखे नामों पर कार्रवाई:
मृतक द्वारा सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनके खिलाफ जल्द से जल्द नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई।
2. आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ने का कारण:
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जिन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उन्हें बाद में वापस छोड़ने का कारण क्या है। इस संबंध में प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा गया।

3. मृतक का मोबाइल फोन बरामद नहीं होने पर सवाल:
मृतक जस्साराम सारण का मोबाइल फोन अभी तक बरामद नहीं होने को लेकर भी परिजनों और ग्रामीणों ने सवाल उठाए तथा मोबाइल नहीं मिलने का कारण स्पष्ट करने की मांग की।
4. एक आरोपी की गिरफ्तारी और फिर रिहाई पर सवाल:
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुसाइड नोट में उल्लेखित नामों में से केवल एक आरोपी को ही क्यों पकड़ा गया और बाकी लोग खुलेआम क्यों घूम रहे हैं। साथ ही गिरफ्तार किए गए आरोपी को कड़ी कार्रवाई के बजाय वापस रिहा किए जाने को लेकर भी जवाब मांगा गया।

विशेष जांच समिति का गठन
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की बात कही है। समिति हत्याकांड से जुड़े तमाम पहलुओं की गहनता से जांच करेगी। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वृत्ताधिकारी और थानाधिकारी ने दिया 7 दिन में कार्रवाई का भरोसा
वार्ता के दौरान डिप्टी विक्की नागपाल और बडू थानाधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है और 7 दिन के भीतर मांगों से जुड़े बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा।
थानाधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों तक पहुंचना है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

लिखित आश्वासन के बाद स्थगित किया धरना
प्रशासन की ओर से 7 दिन में कार्रवाई का लिखित आश्वासन मिलने के बाद मृतक के परिजनों और सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि फिलहाल प्रशासन को 7 दिन का समय दिया गया है, लेकिन इस अवधि में यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को पहले से अधिक व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।
