कुचामन सिटी। डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन शहर में एक बार फिर रंगदारी की धमक ने व्यापारिक वर्ग में चिंता बढ़ा दी है। कुचामन थाना क्षेत्र के एक कारोबारी को व्हाट्सएप पर कथित रूप से रोहित गोदारा गैंग के नाम से वॉइस मैसेज भेजकर फिरौती की मांग की गई और धमकी दी गई कि यदि बात नहीं मानी तो उसका भी वही हाल होगा जो कारोबारी रमेश रूलानिया का हुआ था। मामले में कुचामन सिटी थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विदेशी नंबर से आया व्हाट्सएप कॉल, फिर भेजा धमकी भरा ऑडियो
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 24 जुलाई को दोपहर करीब 1:55 बजे पीड़ित कारोबारी के मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप वॉइस कॉल आया। कॉल रिसीव नहीं होने के बाद कुछ मैसेज भेजे गए, जिन्हें तुरंत डिलीट कर दिया गया। इसके बाद करीब 34 सेकंड का एक ऑडियो मैसेज भेजा गया।

जानकारी के अनुसार ऑडियो में बोलने वाले व्यक्ति ने अपना नाम वीरेन्द्र चारण बताते हुए खुद को रोहित गोदारा ग्रुप से जुड़ा बताया और कथित रूप से कहा कि यदि फोन नहीं उठाया और संपर्क नहीं किया तो “कुचामन वाले रूलानिया जैसा हाल कर देंगे।” ऑडियो में कारोबारी और उसके परिवार की गतिविधियों की जानकारी होने का दावा करते हुए कथित रूप से फिरौती की मांग भी की गई। शाम को उसी नंबर से दोबारा कॉल भी किया गया, जिसे पीड़ित ने नहीं उठाया।
पुलिस को सौंपे ऑडियो और स्क्रीनशॉट
धमकी मिलने के बाद कारोबारी ने कुचामन सिटी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत के साथ व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को उपलब्ध कराई गई। परिवादी ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए बताया कि धमकी के बाद उन्हें जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
कुचामन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 308(5), 352, 111(4), 351(3), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच थानाधिकारी राजेंद्र कुमार कर रहे हैं। पुलिस विदेशी नंबर, व्हाट्सएप अकाउंट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटी है।
एसपी बोले— डरें नहीं, पुलिस आपके साथ है
मामले के बीच शनिवार को कुचामन थाना परिसर में आयोजित जिला स्तरीय सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक में डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने व्यापारियों और आमजन को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को फोन, वॉइस मैसेज, सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से धमकी मिलती है तो वह बिल्कुल भी न डरे और तुरंत पुलिस को सूचना दे। पुलिस हर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी है तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी कॉलोनी या मोहल्ले में कोई संदिग्ध व्यक्ति बार-बार दिखाई दे या उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगें तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि जनता का सहयोग अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पहले भी दहल चुका है कुचामन
कुचामन में रंगदारी के मामलों का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2025 में कारोबारी रमेश रूलानिया सहित कई व्यापारियों को रंगदारी के लिए धमकियां मिली थीं। बाद में अक्टूबर 2025 में जिम के भीतर रमेश रूलानिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।
इसके बाद फरवरी 2026 में भाजपा के नागौर देहात जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा को भी कथित रूप से रोहित गोदारा गैंग के नाम से धमकी मिली थी। उस मामले में भी रूलानिया जैसा अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया था।
अब एक बार फिर कारोबारी को मिली धमकी ने व्यापारिक समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर
सीएलजी बैठक में एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था मजबूत रखने, नियमित गश्त बढ़ाने, सक्रिय अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा सोशल मीडिया पर अपराधियों का महिमामंडन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा, SDM सुरेंद्र सिंह चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक विकी नागपाल ,तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल, कुचामन थानाधिकारी राजेंद्र कुमार, सीएलजी सदस्य, व्यापारी प्रतिनिधि और शहर के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
पुलिस का कहना है कि धमकी के इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही महत्वपूर्ण खुलासा होने की उम्मीद है।
