“सबकी सेवा, सबको प्यार, जीओ और जीने दो” — इसी भावना के साथ कुचामन सिटी में।सामाजिक संस्था महावीर इंटरनेशनल वीरा धरा एवं वीर सदस्यों ने रक्षाबंधन का पावन पर्व अपनाघर आश्रम में बसे 72 प्रभुजी के साथ हर्षोल्लास से मनाया। दोस्ती और सेवा की मिसाल पेश करते हुए बीमार, लाचार, असहाय और बेसहारा लोगों को तिलक लगाकर, राखी बांधकर और मुँह मीठा करवा कर यह दिन उनके लिए यादगार बना दिया गया।

प्रभुजी को फ्रूट खिलाकर और उनके खुशहाल जीवन की कामना करते हुए इस भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को एक अनोखी ऊँचाई दी गई। गौरतलब है कि अपनाघर आश्रम में रहने वाले सभी निराश्रित और बेसहारा लोगों को सम्मानपूर्वक “प्रभुजी” कहकर संबोधित किया जाता है।

इस अवसर पर वीरा सचिव शारदा वीर सोहनलाल वर्मा, वीर अध्यक्ष रामावतार गोयल, वीर सचिव अजित पहाड़िया, कोषाध्यक्ष वीर सुरेश जैन के सानिध्य में वीरा विजय कोर, वीर नंदकिशोर बिड़सर, वीरा सुनीता, वीरा कोमल गंगवाल, वीरा सरला खटोड़, वीर तेजकुमार बड़जात्या, वीर सम्पत बगड़िया, वीर सुरेन्द्र सिंह दीप्पूरा, कोशल्या अग्रवाल, सेवादार प्रमुख धनश्याम जी गुजर और अन्य सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम में प्रभुजी के चेहरों पर आई सच्ची मुस्कान और चमक ने सभी सदस्यों के दिलों को छू लिया। यह रक्षाबंधन न केवल एक उत्सव रहा, बल्कि मानवता, अपनत्व और बिना शर्त सेवा का जीवंत उदाहरण भी बन गया।
