“शिक्षा और समाजसेवा में योगदान का सम्मान: ओम प्रकाश खोरवाल को मानद पीएचडी, भारतीय भाषा-संस्कृति रत्न सम्मान से भी नवाजा”

कुचामन सिटी के ओम प्रकाश खोरवाल को मानद डॉक्टरेट की उपाधि

शिक्षा, शोध, सामाजिक सरोकार और मानवता के क्षेत्र में योगदान का सम्मान, भारतीय भाषा-संस्कृति रत्न सम्मान-2026 से भी अलंकृत

कुचामन सिटी। कुचामन सिटी निवासी एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मिठड़ी (नावा) में उप-प्राचार्य के पद पर कार्यरत ओम प्रकाश खोरवाल को शिक्षा, शोध, सामाजिक सरोकार एवं मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद पीएचडी (Doctor of Philosophy) की उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें “भारतीय भाषा-संस्कृति रत्न सम्मान-2026” से भी अलंकृत किया गया।


केरल के मलमपुझा, पलक्कड़ स्थित SMSF स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर में 1 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर एवं उत्तर भारत-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह का आयोजन भारतीय भाषा समन्वय एवं सहयोग परिषद के तत्वावधान में किया गया। यह परिषद दिव्य प्रेरक कहानियां मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास, ठेकमा, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) की एक इकाई है। समारोह के दौरान Global International University, USA की ओर से मानवता, शोध एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को मानद डॉक्टरेट की उपाधियां प्रदान की गईं।


सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका


ओम प्रकाश खोरवाल अपने विभागीय दायित्वों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं कार्यक्रमों से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे श्री रेगर समाज पंचायत विकास समिति, कुचामन सिटी के सचिव के रूप में भी सामाजिक गतिविधियों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।


वे समय-समय पर रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं। शिक्षा और सामाजिक सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना एवं जागरूकता के प्रसार के लिए भी वे निरंतर कार्य कर रहे हैं।


समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-महात्मा, शिक्षाविद, शोधकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री खोरवाल को उनके शोध कार्य, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान, सामाजिक सरोकारों तथा मानवता के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए सम्मानित किया गया।


पहले भी मिल चुका है गुजरात गौरव सम्मान


ध्यातव्य है कि ओम प्रकाश खोरवाल को इससे पूर्व “गुजरात गौरव सम्मान” से भी सम्मानित किया जा चुका है। अब मानद डॉक्टरेट की उपाधि और भारतीय भाषा-संस्कृति रत्न सम्मान-2026 मिलने से उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
ओम प्रकाश खोरवाल की इस दोहरी उपलब्धि पर शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों एवं रेगर समाज के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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