डीडवाना के ‘माराडोना’ को अंतिम सलाम: फुटबॉल के महान सितारे पन्नाराम सांखला का निधन, खेल जगत में शोक की लहर 

डीडवाना। राजस्थान फुटबॉल की स्वर्णिम विरासत के महत्वपूर्ण स्तंभ और डीडवाना के ‘माराडोना’ के नाम से प्रसिद्ध राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी पन्नाराम सांखला का बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही डीडवाना सहित प्रदेशभर के खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। फुटबॉल प्रेमियों, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने इसे खेल जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।

स्वर्गीय पन्नाराम सांखला की स्मृति में गुरुवार को नागौर जिला फुटबॉल संघ द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें संघ के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके खेल योगदान को याद किया।

डीडवाना फुटबॉल के स्वर्णिम दौर के चमकते सितारे

वर्ष 1960 से 1980 तक का दौर डीडवाना फुटबॉल का गोल्डन एरा माना जाता है। उस समय डीडवाना की फुटबॉल टीम राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी पहचान रखती थी। इसी स्वर्णिम पीढ़ी के प्रमुख खिलाड़ियों में पन्नाराम सांखला का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है।

सेंटर फॉरवर्ड के रूप में खेलने वाले पन्नाराम सांखला अपने आक्रामक खेल, तेज गति और गोल करने की अद्भुत क्षमता के कारण प्रसिद्ध थे। मैदान पर उनकी शैली और प्रभावशाली प्रदर्शन के चलते खेल प्रेमी उन्हें प्यार से “डीडवाना का माराडोना” कहा करते थे।

राजस्थान के लिए आठ बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में किया प्रतिनिधित्व

पन्नाराम सांखला ने राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए आठ बार राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश तथा डीडवाना का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।

उन्होंने उस दौर के दिग्गज खिलाड़ियों जैसे भारत के पूर्व कप्तान एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता मगन सिंह राजवी, चैन सिंह, महताब अली, फीफा सम्मानित मोहम्मद अनवर अली, आरएसी के सुपर गोलकीपर नासिर अली, सैयद मोहम्मद रशीद, रफीक अहमद उस्मानी, सैयद कसीमुद्दीन, गुलाम दस्तगीर और असगर अली सहित कई नामचीन खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए राजस्थान फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खेल जगत ने खोया अपना मार्गदर्शक

नागौर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष चेतन डूडी ने कहा कि पन्नाराम सांखला केवल एक खिलाड़ी नहीं बल्कि फुटबॉल की एक संस्था थे। उन्होंने अपने खेल और अनुशासन से नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उनका निधन नागौर जिले ही नहीं, पूरे राजस्थान फुटबॉल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

जिला उपाध्यक्ष शबीक अहमद उस्मानी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पन्नाराम सांखला ने जिस दौर में फुटबॉल खेली, उस समय संसाधनों का अभाव था, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और खेल भावना का अद्भुत उदाहरण रहेगा।

जिला सचिव सैयद फरहत अली ने कहा कि पन्नाराम सांखला का नाम डीडवाना फुटबॉल इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। वे वर्तमान समय तक नागौर जिला फुटबाल संघ से जुड़े रहे और युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल के गुरु मंत्र भी मैदान पर खुद आकर देते थे । आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को याद रखेंगी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

पन्नाराम सांखला के निधन के साथ ही डीडवाना फुटबॉल के उस गौरवशाली अध्याय का एक और चमकता सितारा अस्त हो गया, जिसकी रोशनी वर्षों तक खेल प्रेमियों के दिलों में बनी रहेगी।

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