डीडवाना शहर में संचालित पूजा इंटरनेशनल एकेडमी का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव “फियस्टा 2026” गुरुवार से टाउन हॉल में भव्य आगाज के साथ शुरू हुआ। समारोह के पहले दिन नर्सरी से कक्षा दूसरी तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. बजरंग सिंह राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम को श्री श्री 108 श्री महंत पंच्चमनाथ जी महाराज (श्री सागरनाथ जी आश्रम, बोदलासी, सीकर) एवं श्री श्री महावीर जति महाराज (मठाधीश, शिव मठ आश्रम गाडोदा धाम, सीकर) का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर अवधेश मीणा उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में भाजपा नेता रामाकिशन खीचड़, आरएएस में 38वीं रैंक प्राप्त राजेंद्र रणवा, सियाराम शर्मा, सीए मुकेश रूवाटिया, शहरकाजी रेहान उस्मानी, रामस्वरूप सोलंकी, विनोद सैन, महेश टाक और सुरेंद्र सिंह सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक डॉ. रणजीत सिंह राठौड़ ने अतिथियों का स्वागत किया।

जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने कहा कि बच्चों के जीवन की दिशा तय करने में माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बचपन में दिया गया मार्गदर्शन ही उनके भविष्य की नींव बनता है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर संगत का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए सही वातावरण और अच्छे साथ की जरूरत है।

समय के महत्व को समझना सफलता की पहली सीढ़ी है—यदि बच्चे समय का मूल्य समझ लें, तो सफलता उनके कदम जरूर चूमेगी। उन्होंने बच्चों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
महाराज श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में केवल अंकों (प्रतिशत) का दबाव लेना जरूरी नहीं, बल्कि लक्ष्य पर केंद्रित होकर मेहनत करना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अच्छा इंसान ही अच्छे समाज की नींव रखता है, इसलिए शिक्षा के साथ संस्कार भी उतने ही जरूरी हैं। बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना समय की मांग है—यदि बचपन से नेतृत्व सीख लिया जाए, तो वे आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने शिक्षा को सबसे शक्तिशाली माध्यम बताते हुए कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती और निरंतर मेहनत से ही ऊंचाइयों को हासिल किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने आलस्य छोड़कर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
