डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र के गोविंदी स्थित एक निजी साल्ट रिफाइनरी में कार्यरत मजदूर सूरज गुर्जर (30) निवासी त्योद (सांभर-फुलेरा, जिला जयपुर) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे क्षेत्र में दिनभर तनावपूर्ण हालात बने रहे। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए जयपुर-नागौर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया और रिफाइनरी के बाहर धरने पर बैठ गए।
बताया जा रहा है कि सूरज की मौत तड़के हुई और उसका शव नमक के होपर से निकाला गया। परिजनों का आरोप है कि सुबह 10 बजे तक उन्हें घटना की कोई सूचना नहीं दी गई, बल्कि फैक्ट्री प्रबंधन शव को गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास कर रहा था, जिसे परिजनों ने रास्ते में रुकवाया और वापस फैक्ट्री लाया। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।

मामले को और गंभीर बनाते हुए परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि कैमरों में सूरज सुबह 4:03 बजे तक दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बाद फुटेज बंद हो गया और फिर सुबह 10:36 बजे दोबारा शुरू हुआ। इसी दौरान उसकी मौत होना संदेह पैदा करता है। साथ ही आरोप है कि परिजनों के पहुंचने पर फैक्ट्री का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।

घटना के विरोध में करीब 7 घंटे तक हाईवे जाम रहा, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार मौके पर डटे रहे और समझाइश के प्रयास करते रहे, लेकिन काफी देर तक समाधान नहीं निकल पाया पीड़ित पक्ष की और से RLP नेता रामनिवास पोषक भी लगातार पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग करते रहें । इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से बहस भी हुई ,लेकिन माहौल सकारात्मक रहा। आखिरकार शाम करीब 6 बजे बाद प्रशासन, फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया और जाम हटाकर यातायात सुचारू किया गया।
समझौते के तहत मृतक के परिजनों को फैक्ट्री मालिकों की ओर से 10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा, जबकि 25 लाख रुपए का इंश्योरेंस क्लेम भी दिलाया जाएगा। इसके बाद शव को नावां अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया, जहां गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा।
इस मामले में मृतक के चाचा रामनारायण गुर्जर की रिपोर्ट पर नावां थाने में 6 लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मामला दर्ज किया गया है। FIR में ललित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, हर्षित अग्रवाल, अंकित शर्मा, पप्पू सिंह और रघुवीर सिंह को आरोपी बनाया गया है। रिपोर्ट में फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही, मारपीट और घटना की जानकारी छिपाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसकी जिम्मेदारी नावां थानाधिकारी को सौंपी गई है।

मृतक सूरज अपने पीछे चार माह की मासूम बेटी, बुजुर्ग माता-पिता और छोटे भाई को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे घटनाक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह, वृताधिकारी मुकेश चौधरी, एसडीएम दिव्या सोनी और तहसीलदार रामेश्वर सहारण सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नावां, मारोठ, चितावा और कुचामन थानों का पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया था।
फिलहाल समझौते के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। वहीं परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग पर कायम हैं।
