सूफी संत बाबा हैदर अली का 142वां सालाना उर्स 5 फरवरी से,चादर जुलूस, जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी और कव्वाली से सजेगी रूहानी महफिल

कुचामन सिटी। लुहारिया मोहल्ले स्थित आस्ताना हजरत सैयद हैदर अली ‘बड़वाले बाबा’ की दरगाह पर 142वें सालाना उर्स का भव्य आयोजन 5 फरवरी 2026 से शुरू होकर 7 फरवरी तक चलेगा। मुख्य सेवक मईनुद्दीन बेहलीम ने बताया कि बाबा हैदर अली दरगाह कमेटी की ओर से उर्स को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और ज़ायरीन की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

3 फरवरी को होगा झंडारोहण

दरगाह कमेटी के प्रवक्ता अयूब शेख ने बताया कि उर्स की औपचारिक शुरुआत से पहले 3 फरवरी को परंपरागत झंडारोहण की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद 5 फरवरी गुरुवार सुबह 10 बजे दरगाह परिसर में कुरान ख्वानी के साथ उर्स का विधिवत आगाज होगा।

5 फरवरी को चादर जुलूस और जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी

सचिव मुमताज जिन्दरान और अनवर शेख ने बताया कि 5 फरवरी की शाम 5 बजे लुहारिया मोहल्ले के वाशिंदों की ओर से भव्य चादर जुलूस निकाला जाएगा, जो दरगाह पहुंचकर मजार पर चादरपोशी के साथ संपन्न होगा। उन्होंने जानकारी दी कि इसी दिन रात ईशा की नमाज के बाद दरगाह परिसर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अजमेर शरीफ से आए आलिम-ए-दीन मौलाना मुकर्रब अशरफ मुख्य वक्ता के रूप में तकरीर पेश करेंगे, वहीं क्षेत्र के अन्य इस्लामिक विद्वान भी अपने विचार रखेंगे।

6 फरवरी को अजमेर शरीफ की ओर से चादर जुलूस

दरगाह कमेटी के खजांची मोहम्मद हुसैन गौरी और मईनुद्दीन बेहलीम ने बताया कि उर्स के दूसरे दिन 6 फरवरी शुक्रवार शाम 4 बजे अजमेर शरीफ की ओर से चादर जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस मिर्जा मस्जिद पलटन गेट से रवाना होकर गोल प्याऊ, बस स्टैंड, लुहारिया मोहल्ला होते हुए दरगाह पहुंचेगा। इसी दिन जुमे की नमाज के बाद विशेष दुआओं का आयोजन किया जाएगा।

रात को होगी महफिल-ए-समा (कव्वाली)

कमेटी के व्यवस्थापक मो. सलीम गौरी ने बताया कि 6 फरवरी की रात ईशा की नमाज के बाद महफिल-ए-समा (कव्वाली) का भव्य आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के नामचीन कव्वाल अपनी रूहानी कव्वालियों से महफिल को सजाएंगे। उन्होंने बताया कि ज़ायरीन की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, रोशनी, साउंड सिस्टम और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

7 फरवरी को कुल की रस्म के साथ समापन

दरगाह कमेटी के प्रवक्ता पत्रकार अयूब शेख ने बताया कि उर्स के अंतिम दिन 7 फरवरी शनिवार को कुल की रस्म अदा की जाएगी। इसके साथ ही तीन दिवसीय उर्स का समापन होगा। इस दिन सुबह से ही ज़ियारत, फातिहा और लंगर-ए-आम का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि आयोजन समिति उर्स को सफल बनाने में पूरी सक्रियता के साथ जुटी हुई है।

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