जागृति इकाई की सदस्या मंजू चौधरी ने साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों की दी जानकारी
कुचामनसिटी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति तथा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुचामन श्रीमती कुसुम सूत्रकार के आदेशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, कुचामन की जागृति इकाई की सदस्या और प्रधानाचार्या श्रीमती मंजू चौधरी द्वारा पीएमश्री राजकीय जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराध, पॉक्सो अधिनियम एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती मंजू चौधरी ने कहा कि इंटरनेट ने हमारे जीवन को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। साइबर अपराधी लोगों की व्यक्तिगत जानकारी, धनराशि और पहचान चुराने के साथ ही झूठी जानकारी फैलाकर किसी की छवि खराब कर सकते हैं। वर्तमान में फिशिंग, हैकिंग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और रैनसमवेयर अटैक जैसी घटनाओं के माध्यम से आमजन को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक और संदेशों पर क्लिक नहीं करना चाहिए। अपना ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर अपराध का शिकार होने पर साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध केवल तकनीकी अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारी नैतिकता, जिम्मेदारी और जागरूकता की भी परीक्षा है।

पॉक्सो अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न एवं अश्लीलता से सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कानून बनाया गया है। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया तथा किसी भी असहज स्थिति में अपने माता-पिता और शिक्षकों से खुलकर बात करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को अपने स्कूल परिसर एवं घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही बच्चों को प्री-लिटिगेशन एवं मध्यस्थता प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी देकर कानूनी जागरूकता का संदेश दिया गया।
