स्व. नटवरलाल बक्ता की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं सेवा कार्यों का आयोजन, प्रबुद्धजनों ने किया व्यक्तित्व और समाजसेवा को याद

कुचामन सिटी। भारतीय संगीत सदन संस्थान में रविवार, को संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय नटवरलाल बक्ता की द्वितीय पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बक्ता परिवार एवं संस्थान के सदस्यों की ओर से श्रद्धांजलि सभा और विभिन्न सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। संस्थान के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुचामन सिटी के प्रबुद्धजन, संगीत प्रेमी, गणमान्य नागरिक एवं संस्थान से जुड़े सदस्यों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय बक्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना सभा से हुई। इसमें विनोद कुमार आचार्य ने रामधुन प्रस्तुत की, वहीं असलम, मुकेश राजपुरोहित सहित अन्य कलाकारों ने भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। संगीत और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने सभागार के वातावरण को भावविभोर कर दिया। आयोजन के दौरान पत्रकार शबीक अहमद उस्मानी और उनकी टीम द्वारा स्वर्गीय नटवरलाल बक्ता के जीवन पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे लोगों ने सराहा।

संस्थान के व्यवस्थापक भानुप्रकाश औदिच्य ने अपने संबोधन में स्वर्गीय नटवरलाल बक्ता के जीवन, भारतीय संगीत सदन संस्थान के निर्माण में उनके योगदान तथा संगीत और सामाजिक क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी।

इस अवसर पर कुचामन विकास समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश काबरा ने स्वर्गीय नटवरलाल बक्ता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने संस्थान की स्थापना और उसे आगे बढ़ाने के लिए समर्पण भाव से कार्य किया।

उनका योगदान केवल एक भवन के निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने संगीत, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक ऐसी संस्था की नींव रखी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। कलर बताया कि कुचामन विकास समिति से जुड़कर वक्त जी ने शहर के विकास के लिए बनी कई योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए भी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास किए ।
इस दौरान कुविस उपाध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री, भामाशाह देवीलाल दादरवाल, भंवरलाल पारीक सहित अन्य वक्ताओं ने भी स्वर्गीय बक्ता के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए और उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान को याद किया।

भाई गोपाल बक्ता ने जताया आभार, साझा कीं स्मृतियां

स्वर्गीय नटवरलाल बक्ता के भाई गोपाल बक्ता ने पुण्यतिथि पर उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार के लिए यह भावुक अवसर है। जिस संस्थान को स्वर्गीय बक्ता ने अपने प्रयासों और समर्पण से स्थापित किया, उससे जुड़कर आज भी लोग उन्हें याद कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर परिवार का मान बढ़ाने वाले सभी प्रबुद्धजनों, संगीत प्रेमियों एवं संस्थान के सदस्यों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। इस दौरान उनके पुत्र नितेश एवं रविकांत तथा स्वर्गीय बक्ता की धर्मपत्नी ने भी सभी उपस्थितजनों का आभार जताया ।

श्रद्धांजलि के साथ सेवा कार्यों से दी गई श्रद्धांजलि

पुण्यतिथि के अवसर पर संस्थान एवं बक्ता परिवार की ओर से विभिन्न सेवा गतिविधियां भी आयोजित की गईं। राजकीय चिकित्सालय, कुचामन सिटी में मरीजों को हेल्थ किट एवं फल वितरित किए गए। वहीं मूक-बधिर विद्यालय, अपना घर आश्रम एवं अन्नपूर्णा रसोई में जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों को स्वेटर वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में श्यामसुंदर सैनी, कालीचरण व्यास, प्रकाश दाधीच, महेंद्र पारीक, नंदकिशोर बिड़सर, मोहनलाल सोनी सहित महिला मंच की सदस्यों एवं अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

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