ज़ैद अकरम उस्मानी को इटली की प्रतिष्ठित Politecnico di Torino University में MTech (Data Science) में मिला प्रवेश,
छोटे भाई सअद रहमान रोम में कर रहे हैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई
अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी ने दी बधाई, कहा- युवा बड़े सपने देखें, लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन से उन्हें हासिल करें
डीडवाना। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ देखे गए सपने जब हकीकत में बदलते हैं तो सफलता की कहानी दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन जाती है। कुछ ऐसी ही कामयाबी की मिसाल डीडवाना के उस्मानी परिवार के दो होनहार भाइयों ने पेश की है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अखलाक अहमद उस्मानी के पुत्र ज़ैद अकरम उस्मानी और सअद रहमान उस्मानी ने इटली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए इटली की उच्च स्तरीय संस्थानों में प्रवेश हासिल कर, न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे डीडवाना क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
ज़ैद अकरम उस्मानी उच्च शिक्षा के अपने सपने को साकार करने के लिए इटली पहुंच गए हैं। उन्हें इटली की प्रतिष्ठित Politecnico di Torino University में MTech (Data Science) पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला है। ज़ैद की इस उपलब्धि के पीछे एक वर्ष की लगातार मेहनत, समर्पण और सुनियोजित तैयारी रही है। उन्होंने BTech (Data Science) में शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ IELTS अंग्रेजी परीक्षा में 8 बैंड हासिल किए। इसके अलावा प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया में भी सफलता प्राप्त कर इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में अपना स्थान सुनिश्चित किया।

उत्तरी इटली के खूबसूरत शहर ट्यूरिन में स्थित Politecnico di Torino University दुनिया के प्रमुख तकनीकी एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल है। इसकी वैश्विक QS रैंकिंग 206 बताई गई है। ज़ैद यहां आगामी दो वर्षों तक उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे। उनके पास इस अवधि के लिए यूरोप का स्टडी वीजा है। आगे इंटर्नशिप मिलने पर वीजा अवधि बढ़ने की संभावना भी है।
छोटे भाई सअद भी रोम में कर रहे हैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई
यह सफलता केवल एक भाई की नहीं, बल्कि दो भाइयों की मेहनत, लगन और बड़े सपनों की कहानी है। ज़ैद के छोटे भाई सअद रहमान उस्मानी पहले से ही इटली की राजधानी रोम स्थित Tor Vergata University में BTech (Engineering Sciences) की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पास तीन वर्ष का स्टडी वीजा है, जिसे आगे उच्च शिक्षा के लिए बढ़ाया जा सकता है।
ताऊजी अतीक अहमद उस्मानी और शकील अहमद उस्मानी ने जताई खुशी
उस्मानी बंधुओं की इस उपलब्धि पर उनके ताऊजी अतीक अहमद उस्मानी और शकील अहमद उस्मानी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ज़ैद और सअद की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।

उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों ने अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में डीडवाना के युवाओं को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करनी चाहिए, ताकि वे देश-विदेश में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे सकें।
एडीएम रतन कुमार स्वामी ने दी बधाई, युवाओं को दिया प्रेरक संदेश
डीडवाना के अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी को जब उस्मानी बंधुओं की इस उपलब्धि की जानकारी मिली तो उन्होंने ज़ैद और सअद को शुभकामनाएं देते हुए पूरे उस्मानी परिवार को बधाई दी। उन्होंने इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं के सामने अवसरों की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो अपनी प्रतिभा को पहचानने, सही दिशा में लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी एवं निरंतरता के साथ प्रयास करने की।

उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सपने केवल देखने से पूरे नहीं होते, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, अनुशासन, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। युवा अपनी शिक्षा और कौशल को मजबूत बनाएं, नई तकनीकों को सीखें तथा वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ें। छोटे शहरों और कस्बों के युवा भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
एडीएम स्वामी ने उम्मीद जताई कि ज़ैद और सअद की यह उपलब्धि डीडवाना के अन्य युवाओं को भी उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेगी और वे अपने सपनों को साकार कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

निश्चित रूप से उस्मानी परिवार के दोनों बेटों का इटली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा हासिल करना डीडवाना के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता बताती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर छोटे शहरों के युवा भी दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों तक अपनी पहचान बना सकते हैं। ज़ैद और सअद की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय है।
