कुचामन सिटी। आज के दौर में जहां अक्सर खोई हुई चीजें वापस मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं कुचामन सिटी के लुहारिया बास निवासी शमीम भाटी ने अपनी ईमानदारी से समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
करीब 6-7 महीने पहले लुहारिया बास से गुजरते समय सुरेश कुमार मोहनपुरिया का पर्स शमीम भाटी की दुकान के सामने गिर गया था। पर्स में करीब 5 हजार रुपये नकद, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान रखा हुआ था। पर्स मिलने के बाद शमीम भाटी ने उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया और लगातार उसके वास्तविक मालिक की तलाश करते रहे।

काफी प्रयासों के बाद लगभग 6-7 महीने पश्चात सुरेश कुमार मोहनपुरिया का पता चल गया। इसके बाद शमीम भाटी ने बिना किसी लालच के पूरा पर्स उसके सभी सामान सहित उसके मालिक को सौंप दिया। अपना खोया हुआ पर्स और सामान सुरक्षित वापस पाकर सुरेश कुमार मोहनपुरिया ने शमीम भाटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने लंबे समय बाद भी उनका पर्स सुरक्षित मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि शमीम भाटी की ईमानदारी समाज के लिए प्रेरणा है और ऐसे लोगों की वजह से आज भी इंसानियत और भरोसा कायम है।

इस अवसर पर शमीम भाटी ने कहा कि “जो चीज मेरी नहीं है, उस पर मेरा कोई हक नहीं है। ईमानदारी ही इंसान की सबसे बड़ी पूंजी होती है। किसी का हक लौटाकर जो सुकून मिलता है, वह किसी भी धन-दौलत से बड़ा होता है।”
स्थानीय निवासी जाहिद खान ने कहा कि शमीम भाटी ने यह साबित कर दिया है कि समाज में आज भी ऐसे नेक और ईमानदार लोग मौजूद हैं, जो सच्चाई और इंसानियत को सबसे ऊपर रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को ईमानदारी की राह पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
