मुआवजे का झांसा देकर करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप: दर्ज हुई एफआईआर, 6 नामजद सहित अन्य पर मुकदमा

डीडवाना – कुचामन ।  कुचामन सिटी में रिंग रोड निर्माण के बदले मिली करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को कथित रूप से हड़पने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पहले परिवाद के रूप में सामने आए इस प्रकरण में सोमवार को पीड़ित पक्ष की ओर से उदाराम कुमावत ने कुचामन सिटी थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इससे पहले मामले को लेकर कुमावत समाज भी खुलकर पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर आया। कुमावत विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार फौजी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक एवं राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी के आवास पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मुआवजा दिलाने के नाम पर पीड़ित परिवार को धोखे में रखकर उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि हड़पने का प्रयास किया गया है। इस पर राजस्व राज्य मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद समाज के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार के साथ कुचामन थाने पहुंचे, जहां नामजद रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

वर्ष 2022 से शुरू हुआ पूरा मामला

रिपोर्ट के अनुसार दीपपुरा निवासी उदाराम, उनके भाइयों कुनणमल, प्रभूराम, मदनलाल तथा दिवंगत भाई हीरालाल की संयुक्त खातेदारी वाली भूमि के खसरा नंबर 271 में से वर्ष 2022 में नई रिंग रोड का निर्माण किया गया था। रिंग रोड में 0.3767 हेक्टेयर भूमि चली गई, जिसके बाद नया खसरा नंबर 649/271 कायम हुआ। हालांकि नामांतरण दर्ज नहीं होने से भूमि रिकॉर्ड में खातेदारी पूर्ववत दर्ज रही।

परिवादी का आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले एक व्यक्ति के माध्यम से स्वयं को वकील बताने वाले व्यक्ति से संपर्क हुआ। उसने नगरपालिका से लगभग 11 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर परिवार का विश्वास जीत लिया। इसी दौरान मुआवजा प्रक्रिया के नाम पर कई बार परिवार के सदस्यों के फोटो लिए गए तथा विभिन्न कागजात और स्टाम्पों पर हस्ताक्षर करवाए गए।

मुआवजे का लालच देकर तहसील बुलाया

एफआईआर में बताया गया है कि 7 जून 2026 को आरोपितों ने परिवार को बताया कि रिंग रोड में गई जमीन का मुआवजा स्वीकृत हो गया है और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने होंगे। इसके बाद 18 जून को फोन कर सभी हिस्सेदारों को तहसील परिसर बुलाया गया।

परिवार का आरोप है कि वहां उन्हें एक कार्यालय में ले जाकर कहा गया कि मुआवजा प्राप्त करने के लिए फोटो खिंचवाने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि किसी से चर्चा की गई तो मुआवजा नहीं मिलेगा। जब परिवार ने दस्तावेज पढ़ने, समझने और उनकी प्रतिलिपि लेने की मांग की तो उन्हें जल्दबाजी में हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया तथा मुआवजा रुक जाने का डर दिखाया गया।

करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का आरोप

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बाद में परिवार को संदेह हुआ कि मुआवजे की प्रक्रिया के नाम पर उनसे अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए हैं। परिवादी का दावा है कि रिंग रोड में गई भूमि के बदले नगर परिषद से प्राप्त खसरा संख्या 2131 की 3764 वर्गमीटर भूमि, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है, उसे हड़पने की नीयत से कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।

परिवादी ने आरोप लगाया कि पहले विनिमय पत्र तैयार करवाया गया और बाद में कथित रूप से विक्रय विलेख निष्पादित करवा दिया गया। परिवार का कहना है कि यदि उन्हें दस्तावेजों की वास्तविक प्रकृति की जानकारी होती तो वे किसी भी स्थिति में उन पर हस्ताक्षर नहीं करते।

6 नामजद सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा

उदाराम की रिपोर्ट पर कुचामन सिटी थाना पुलिस ने पांच नामजद व्यक्तियों  अशोक पूरी, नंदाराम,राजेंद्र चौधरी, कल्पना देवी , विरमाराम, और कालूराम जाट सहित अन्य सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले के जांच अधिकारी एवं कुचामन सिटी थाने के उप निरीक्षक महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि परिवादी पक्ष की ओर से उदाराम ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है। रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समाज ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की

कुमावत विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार फौजी ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ गंभीर धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने स्थानीय विधायक एवं राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी तथा पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

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