विश्व योग दिवस विशेष : योग ने दिया नया जीवन, अब हजारों महिलाओं को स्वस्थ बना रहीं अनिता सोनी
कभी डायबिटीज, गठिया और थायराइड से थीं परेशान, आज निशुल्क योग प्रशिक्षण से बदल रही हैं लोगों की जिंदगी
कुचामन सिटी, कहते हैं कि जब दवाइयां जवाब दे देती हैं, तब उम्मीद की एक किरण भी जीवन बदल सकती है। डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी की योग गुरु अनिता सोनी की कहानी कुछ ऐसी ही है। कभी खुद गंभीर बीमारियों और शारीरिक परेशानियों से जूझने वाली अनिता आज योग के माध्यम से हजारों महिलाओं के जीवन में नई ऊर्जा और स्वास्थ्य का संचार कर रही हैं।

विश्व योग दिवस के अवसर पर अनिता सोनी की प्रेरणादायक यात्रा योग की शक्ति और उसके सकारात्मक प्रभाव की मिसाल बनकर सामने आई है। एक समय ऐसा था जब अनिता मोटापा, डायबिटीज, गठिया, थायराइड और लगातार रहने वाले शारीरिक दर्द से परेशान थीं। बीमारी के कारण उनका दैनिक जीवन भी प्रभावित होने लगा था। बेहतर स्वास्थ्य की तलाश में उन्होंने जयपुर, अजमेर और दिल्ली तक कई चिकित्सकों से उपचार करवाया तथा काफी धनराशि खर्च की, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी।
इसी दौरान एक चिकित्सक ने उन्हें नियमित योग करने की सलाह दी। शुरुआत में उन्होंने इसे एक सामान्य सुझाव समझा, लेकिन धीरे-धीरे योग उनके जीवन का हिस्सा बन गया। नियमित अभ्यास के साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। शारीरिक समस्याएं कम हुईं, मानसिक तनाव दूर हुआ और जीवन के प्रति उनका नजरिया भी सकारात्मक बन गया।

योग से मिले इस परिवर्तन ने अनिता को नई दिशा दी। उन्होंने योग का गहन अध्ययन किया और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने अपने घर से ही योग प्रशिक्षण शुरू किया, जो आज अनेक महिलाओं के लिए स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का केंद्र बन चुका है।
अनिता के प्रशिक्षण केंद्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं योग और जुम्बा का अभ्यास करने पहुंचती हैं। यहां आने वाली महिलाओं का कहना है कि नियमित योग ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। कई महिलाओं को जोड़ों के दर्द, शारीरिक कमजोरी, हार्मोनल समस्याओं और अन्य जीवनशैली जनित रोगों से राहत मिली है। कुछ महिलाओं ने तो यह भी बताया कि योग के कारण उनकी दवाइयों पर निर्भरता काफी कम हो गई है।

अनिता सोनी का मानना है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि यह मन और आत्मा को भी संतुलित करता है। उनके अनुसार यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले तो अनेक बीमारियों से बचाव संभव है और जीवन को अधिक स्वस्थ एवं सुखद बनाया जा सकता है।
विश्व योग दिवस पर अनिता सोनी की यह कहानी इस बात का संदेश देती है कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाली जीवनशैली है। खुद संघर्षों से निकलकर दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली अनिता आज समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जागरूकता की एक प्रेरक मिसाल बन चुकी हैं।
