पाकिस्तानी नंबर से आया संदिग्ध मैसेज, कुचामन के युवक की समझदारी से टला बड़ा साइबर जाल


कुचामन सिटी में एक युवक के मोबाइल पर पाकिस्तान के आईएसडी कोड (+92) वाले नंबर से आए संदिग्ध व्हाट्सएप मैसेज ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को सतर्क कर दिया। राहत की बात यह रही कि युवक ने घबराने या जवाब देने की बजाय समझदारी दिखाई और तुरंत परिवार व पुलिस को इसकी जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार कुचामन निवासी युवक के मोबाइल पर +92 324 9010961 नंबर से तीन अलग-अलग हिस्सों में व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने अपनी प्रोफाइल में “Commander” नाम लिख रखा था। संदेश में लिखा था कि “ऑर्डर हमारी तरफ से भेज दिया गया है, कल राजस्थान में मिल जाएगा, बॉर्डर के बाद आपकी जिम्मेदारी है और पहले की तरह इस बार भी मकसद को अच्छे से अंजाम देना है।”
मैसेज पढ़ते ही युवक को मामला संदिग्ध लगा। उसने बिना कोई जवाब दिए तुरंत अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी।

परिवार ने सतर्कता दिखाते हुए सीधे पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। इसके बाद युवक अपने परिजनों के साथ कुचामन पुलिस थाने पहुंचा और थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग को पूरे मामले की जानकारी दी।


थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग ने क्या कहा


कुचामन थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग ने युवक की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए कॉल या मैसेज का जवाब नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर युवक जवाब देता तो साइबर ठग धीरे-धीरे विश्वास बनाकर ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते थे।


उन्होंने बताया कि मामले की सूचना तुरंत आईबी अधिकारियों को दी गई फिलहाल जांच जारी है । युवक के मोबाइल में उस नंबर को ब्लॉक करवाया गया। थाना प्रभारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में फोन, मैसेज या ओटीपी से जुड़ी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करें।


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने क्या कहा


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। कई बार विदेशी नंबरों से संदिग्ध मैसेज भेजकर लोगों में डर या लालच पैदा किया जाता है, ताकि वे जल्दबाजी में जवाब दे दें।


उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार का कोई संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ओटीपी संबंधी बातचीत प्राप्त होती है तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को सूचना देनी चाहिए। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।


आईबी अधिकारियों ने आमजन को क्या संदेश दिया


आईबी अधिकारियों ने आमजन के नाम जारी संदेश में कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय या अनजान नंबर से आए फोन और मैसेज को गंभीरता और सावधानी से लेना चाहिए। ऐसे लोग पहले सामान्य बातचीत शुरू करते हैं और फिर धीरे-धीरे भरोसा जीतकर ओटीपी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही ओटीपी उनके पास पहुंचता है, वे संबंधित व्यक्ति के नंबर से व्हाट्सएप या टेलीग्राम अकाउंट अपने डिवाइस पर सक्रिय कर लेते हैं। इसके बाद उस नंबर का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे निर्दोष व्यक्ति भी परेशानी में आ सकता है।


संचार साथी’ ऐप कैसे है आमजन के लिए मददगार


थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग ने भारत सरकार के “संचार साथी” ऐप को आमजन के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि हर मोबाइल उपभोक्ता को यह ऐप अपने फोन में डाउनलोड करना चाहिए।
इस ऐप के जरिए लोग संदिग्ध कॉल, फर्जी मैसेज और साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। साथ ही मोबाइल सुरक्षा, फर्जी सिम, साइबर फ्रॉड और डिजिटल जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि साइबर अपराधियों के मंसूबे नाकाम किए जा सकें।

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