कुचामन काले झंडा प्रकरण में दो मुकदमे दर्ज,12 नामजद में से चार आरोपी राउंडअप

राजकार्य में बाधा और प्राणघातक हमले के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई, भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की सुरक्षा में चूक का लगाया आरोप

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के मामले में कुचामन सिटी पुलिस थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एक मामला पुलिस की ओर से राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में दर्ज किया गया है, जबकि दूसरा मुकदमा भाजपा की ओर से प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के काफिले को रोकने, मार्ग अवरुद्ध करने और जानलेवा हमले के प्रयास के आरोपों को लेकर दर्ज कराया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार राजकार्य में बाधा मामले में पुलिस ने 12 लोगों को नामजद किया है। प्रकरण की जांच कर रहे चितावा थानाधिकारी तेजाराम ने बताया कि मामले में अब तक चार आरोपियों को राउंडअप किया जा चुका है तथा अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

वहीं भाजपा की और से  जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा की ओर से कुचामन सिटी थाने में दी गई रिपोर्ट के आधार पर दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 29 मई को भाजपा के दो दिवसीय “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026” के दौरान प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले कुछ लोगों ने तख्तियां और डंडे लेकर उनके काफिले को रोक लिया।

रिपोर्ट में भूराराम शेषमा, रामनिवास पोषक, अंकित चौधरी, ओमप्रकाश, दिनेश, सुरेश सेवदा, रमेश कलकला, पिंटू पोषक, रणजीत पोषक, रामूराम राठी, राजकुमार जाखड़ और सम्पत सेवदा सहित को नामजद किया गया है। साथ ही 10-15 अन्य लोगों के शामिल होने का भी उल्लेख किया गया है।

भाजपा की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के काफिले का रास्ता रोकते हुए वाहन के पास पहुंचने का प्रयास किया तथा सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराएं 191(2), 191(3), 126(2), 115(2) और 285 के तहत मामला दर्ज किया है।मामले की जांच मारोठ थानाधिकारी सुरेश सोनी को सौंपी गई है।

माहौल बिगाड़ने का प्रयास करना स्वीकार्य नहीं – भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी 

मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी ने घटना की निंदा की है । उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल के प्रदेशाध्यक्ष के काफिले को रोकना, सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना और माहौल बिगाड़ने का प्रयास करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की गाड़ी के आगे आकर दिखाएं थे काले झंडे

गौरतलब है कि 29 मई को कुचामन सिटी में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के दौरे के दौरान RLP कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। बाद में कुछ कार्यकर्ताओं को जमानत मिली, जबकि रामनिवास पोषक सहित कुछ नेताओं को अन्य मामलों में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई, जिसमें तहसीलदार कैलाश ईनाणियां का तबादला, एसपी ज्ञानचंद्र यादव का स्थानांतरण और कुचामन थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग का निलंबन शामिल है।

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