कुचामन शहर इन दिनों भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। नहरबंदी की अवधि पूरी होने के बाद भी शहर में नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं होने से आमजन परेशान हैं। घरों में पानी की टंकियां खाली पड़ी हैं और लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। लगातार गहराते जल संकट को लेकर गुरुवार को मदरसा इस्लामिया सोसायटी की मेला एवं उर्स कमेटी के सदर तथा कांग्रेस नेता मोहम्मद हुसैन लीलगर के नेतृत्व में शहरवासियों ने उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि जलदाय विभाग की ओर से करीब 45 दिनों की नहरबंदी घोषित की गई थी। उस दौरान विभाग द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि नहरबंदी समाप्त होते ही पेयजल व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी, लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद शहर के कई मोहल्लों में नियमित पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है

। कई इलाकों में कई-कई दिनों तक नलों में पानी नहीं आने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मोहम्मद हुसैन लीलगर ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में जल संकट ने आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। महिलाएं और बुजुर्ग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि मध्यम और गरीब परिवार निजी टैंकरों का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल संकट को लेकर जलदाय विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
ज्ञापन में मांग की गई कि शहर के सभी वार्डों में नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जलदाय विभाग की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए तथा जिन क्षेत्रों में पानी की सबसे ज्यादा समस्या है वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो शहरवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
