। प्रधानमंत्री नरेंद्र के स्वच्छ भारत मिशन को कुचामन सिटी में झटका लगता नजर आ रहा है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर परिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने संबंधित निजी कंपनी को नोटिस जारी किया है तथा नियम अनुसार पेनल्टी लगाने की बात कही है।
शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर आमजन में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। करोड़ों रुपये के ठेके और हर महीने भारी मात्रा में रुपये खर्च होने के बावजूद कई वार्डों और कॉलोनियों में कचरा संग्रहण व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि कचरा गाड़ियां या तो समय पर नहीं आतीं या फिर बिना हॉर्न और सूचना दिए निकल जाती हैं, जिससे लोगों को मजबूरी में घरों के बाहर या सड़क किनारे कचरा डालना पड़ रहा है।

समय तय नहीं, बिना सूचना लौट जाती हैं गाड़ियां
कई वार्डों के निवासियों ने बताया कि कचरा गाड़ियों का कोई निश्चित समय नहीं है। वार्ड नम्बर 30 के निवासी कमल जोशी तथा वार्ड नम्बर 33 के निवासी केडी शेख ने बताया कि गाड़ी कई बार बिना हॉर्न बजाए निकल जाती है। लोग भागकर पहुंचते हैं तब तक वाहन आगे बढ़ चुका होता है। सप्ताह में दो-तीन बार ही कचरा डालने का मौका मिल पाता है, जबकि कई स्थानों से नियमित कचरा उठाया ही नहीं जाता। इससे गलियों में बदबू और गंदगी फैल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों तक गली-मोहल्लों में कचरा पड़ा रहता है। सफाईकर्मियों से शिकायत करने पर भी समाधान नहीं होता।
तंग गलियों में सबसे ज्यादा परेशानी
शहर की संकरी गलियों और छोटे रास्तों में हालात और भी खराब बताए जा रहे हैं। पहले जहां हाथगाड़ी और ठेलों के जरिए कचरा उठाया जाता था, अब वह व्यवस्था भी बंद हो चुकी है। इसके कारण कई जगह नालियां जाम हो रही हैं और दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है।
नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का जिम्मा एक निजी कंपनी को करोड़ों रुपये के ठेके पर सौंप रखा है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था कमजोर दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी भी अपने कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और परिषद स्तर पर निगरानी का अभाव है।
आमजन की जिम्मेदारी भी जरूरी
हालांकि यह भी सच है कि केवल प्रशासन और कंपनी को दोष देना पर्याप्त नहीं है। आमजन को भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार होना होगा। कई बार लोग गाड़ी नहीं आने पर सीधे सड़क पर कचरा फेंक देते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। लोगों को चाहिए कि कचरा गाड़ी आने तक घरों में डस्टबिन में कचरा रखें या सार्वजनिक डस्टबिन का उपयोग करें।

वहीं नगर परिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने बताया कि विभिन्न वार्डों से कंपनी की लापरवाही की शिकायतें मिली हैं। कई क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है। इस संबंध में कंपनी को नोटिस जारी किया गया है तथा नियमानुसार पेनल्टी भी लगाई जाएगी।
