ध्वज स्तंभ हटाने के आरोपों पर निवर्तमान सभापति सुरेश सिखवाल ने दिया जवाब
कुचामन सिटी में कनोई पार्क के सामने पुराने बस स्टेण्ड पर स्थित आज़ादी से पूर्व स्थापित राष्ट्रीय ध्वज स्तम्भ को सड़क निर्माण के नाम पर हटाए जाने से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। करीब 40-45 फीट ऊँचा यह लोहे का स्तम्भ स्थानीय लोगों के लिए केवल एक संरचना नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की यादों और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता रहा है।

नगर परिषद के पूर्व उपसभापति हेमराज चावला ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस स्थान पर कई बार अंग्रेजों के खिलाफ प्रतीक स्वरूप तिरंगा फहराया गया था। आज़ादी के बाद भी हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को यहां भव्य समारोहों के साथ ध्वजारोहण होता रहा है, जिसमें प्रदेश के मंत्री, विधायक और नगर परिषद के जनप्रतिनिधि शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्तम्भ क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है, जिसे हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

हेमराज चावला ने नगर परिषद प्रशासन, उपखंड अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक व मंत्री विजय सिंह चौधरी से मांग की है कि इस ऐतिहासिक स्तम्भ को उसी स्थान पर पुनः भव्य रूप में स्थापित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसकी विरासत का अहसास हो सके।
इसी बीच हेमराज चावला ने ध्वज स्तम्भ के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने के लिए एक पुरानी फोटो भी जारी की है। इस फोटो में वर्तमान विधायक व राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी के पिता, तत्कालीन विधायक स्वर्गीय रामेश्वरलाल चौधरी वर्ष 1980 में पुराने बस स्टेण्ड पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में सलामी लेते नजर आ रहे हैं। चावला ने बताया कि यह ध्वज स्तम्भ आज़ादी से पहले का बना हुआ है और कुचामन सिटी की एक धरोहर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासन को इसका सम्मान करते हुए इसे उसी स्थान पर पुनः स्थापित करना चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों की यादें जुड़ी हुई हैं।

पूर्व पार्षद संपति देवी चावला ने भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना जनभावनाओं का सम्मान किए इस तरह का निर्णय लेना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्तम्भ क्षेत्र की पहचान था और इसे हटाकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है।
वहीं पूर्व पार्षद अविनाश चावला ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाकर नहीं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस स्तम्भ को यथाशीघ्र पुनः स्थापित कर क्षेत्रवासियों की भावनाओं का सम्मान किया जाए।
निवर्तमान सभापति सुरेश सिखवाल ने दिया जवाब
इधर, हेमराज चावला के आरोपों पर निवर्तमान सभापति सुरेश सिखवाल ने जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट की है। सिखवाल ने कहा कि ध्वज स्तम्भ को हटाया नहीं जा रहा, बल्कि उसकी जगह परिवर्तित की जा रही है ताकि वह यातायात में बाधा न बने।

उन्होंने बताया कि पुराने बस स्टेण्ड पर सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ध्वज स्तम्भ का पुनः निर्माण कराया जाएगा और इसे पहले से अधिक भव्य रूप दिया जाएगा।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
