मानवता की मिसाल: 77वें पुलिस स्थापना दिवस पर सुनील बिसु सम्मानित, ‘गोल्डन आवर’ में बचाई युवक की जान

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को नागौर पुलिस की अनुशंसा पर डीडवाना-कुचामन जिले के डाबड़ी सांवलदास निवासी एवं वर्तमान में नागौर में रह रहे 25 वर्षीय सुनील बिसु को मानव सेवा व सराहनीय कार्य के लिए अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुनील बिसु ने गांव में ही 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र में ही टोल कंपनी में कार्य करना शुरू कर दिया। लेकिन उनके जज्बे और इंसानियत ने उन्हें आज एक अलग पहचान दिलाई।
जानकारी के अनुसार 28 नवंबर 2025 को नागौर के पास एक सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार दो युवक वाहन से टकरा गए, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। ऐसे संवेदनशील समय में सुनील बिसु ने बिना देर किए अपनी निजी गाड़ी से घायल को कुछ ही मिनटों में अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।


चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा “गोल्डन आवर” कहलाता है, जो जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान समय पर अस्पताल पहुंचाना घायल की जान बचाने में निर्णायक साबित होता है। सुनील का यह कार्य “गुड सेमेरिटन” (Good Samaritan) की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें कोई भी नागरिक बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंद की मदद करता है।


इस अवसर पर आईजी राजेंद्र सिंह ने कहा कि सुनील बिसु जैसे युवा समाज के लिए प्रेरणा हैं, जिनकी तत्परता और मानवता दूसरों के लिए उदाहरण बनती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने में हिचकिचाएं नहीं, क्योंकि समय पर सहायता किसी की जिंदगी बचा सकती है।


वहीं सम्मान प्राप्त करने के बाद सुनील बिसु ने कहा कि उन्होंने केवल अपना मानव धर्म निभाया है। उन्होंने कहा कि अगर हम सभी ऐसे समय में आगे आएं, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद जरूर करें और “गोल्डन आवर” का महत्व समझें।

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